ईरान में रूहानी जीते राष्ट्रपति चुनाव, जश्न का माहौल

  • 16 जून 2013
ईरान
Image caption हसन रोहानी एक सुधारवादी नेता हैं

ईरान में उदारवादी नेता हसन रूहानीने राष्ट्रपति चुनावों में 50 फीसदी मत हासिल कर चुनाव जीत लिया है.

ईरान में राष्ट्रपति चुनाव में हसन रूहानी की जीत के बाद अमरीका ने कहा है कि वो परमाणु कार्यक्रम पर ईरान से सीधे बात करने को तैयार है. लेकिन अमरीका के बयान में सीधे सीधे रूहानी को बधाई नहीं दी गई है.

व्हाइट हाउस के बयान में कहा गया है कि सरकारी अड़चनों और पारदर्शिता की कमी के बावजूद ईरानी लोगों ने अपनी आवाज़ सब तक पहुँचाने की हिम्मत दिखाई. कई पश्चिमी देशों ने कहा है कि बरसों से चली आ रही टकराव की नीति को छोड़कर ईरान सकारात्मक रुख अपनाए.

इससे पहले ईरान के आंतरिक मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि रूहानी ने करीब एक करोड़ पच्चासी लाख मतों से जीत हासिल की है.

मंत्रालय के अनुसार लोगों ने भारी तादाद में आकर मतदान किया. 72.2 फीसदी लोगों ने अपना मत का इस्तेमाल किया. देश की आबादी में से पांच करोड़ लोग ऐसे हैं जो अपने मत का इस्तेमाल कर सकते हैं.

तेहरान के मेयर मोहम्मद बक़र क़ालिबाफ़ दूसरे स्थान पर रहे और उन्होंने साठ लाख मत जीते.

शपथ

Image caption राष्ट्रपति चुनाव में लोगों ने भारी तादाद में आकर मतदान किया

महमूद अहमदीनेजाद अपने दो लगातार कार्यकाल पूरा कर चुके थे इसलिए वे इन चुनावमें भाग नहीं ले सकते थे.

देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़मेनेई 3 अगस्त को इन वोटों की पुष्टि करेंगे जिसके बाद नए राष्ट्रपति संसद में शपथ लेंगे.

आंतरिक मामलों के मंत्री मुस्तफ़ा मोहम्मद नज़र ने इन चुनावों के नतीज़ो की घोषणा करते हुए बताया कि रूहानी ने 36,704,156 में से 18,613,329 मत हासिल किए हैं जो कि 50.71 फीसदी रहा.यानी अब दूसरे चरण के मतदान की ज़रूरत नहीं है.

जबकि क़ालिबफ़ को 6,077,292 मतों से ही संतुष्ट होना पड़ा.

इसके अलावा सईद जलीली तीसरे और मोहसेन रेज़ई चौथे स्थान पर रहें.

इस चुनाव में भाग लेने वाले छह उम्मीदवारों को रुढ़िवादी माना जाता है लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि 64 वर्षीय धार्मिक नेता रूहानी 'उदार' हैं. उन्होंने संसद में कई पद संभाले हैं. वो मुख्य परमाणु वार्ताकार के रूप में काम कर चुके हैं और हाल के दिनों में सुधारवादियों की ओर बढ़े हैं.

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