कांगो में भारतीयों पर हमले

  • 20 जून 2013
कांगो में भारतीय सैनिक
Image caption कांगो में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में भारतीय सैनिकों की संख्या सबसे अधिक है.

भारत में कांगो के कुछ छात्रों को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में इस अफ्रीकी देश की राजधानी किंशासा में भारतीयों की दुकानों को निशाना बनाया गया है.

किंशासा में मौजूद बीबीसी रिपोर्टर मौद जूलियन के मुताबिक इन हमलों में एक भारतीय नागरिक घायल हुआ है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

प्रदर्शनकारी उत्तर भारतीय शहर जालंधर में कांगो के 21 छात्रों की गिरफ्तारी से गुस्से में थे.

जूलियन ने बताया कि किशांसा के मध्य इलाके में स्थित भारतीय और पाकिस्तानियों की दुकानों को बुधवार सुबह निशाना बनाया गया. ये दुकानें दिन भर बंद रहीं.

पकड़ो, मारो

एक भारतीय कर्मचारी ने बीबीसी से कहा, “मैं सुपरमार्केट में था और कुछ लोगों ने मुझसे कहा ‘अगर तुम गए तो हम तुम्हारा गला काट देंगे'. मैं वहां छिपकर बैठा रहा जब तक कि मेरे बॉस नहीं आ गए. उसके बाद मैं कार में बैठकर वहां से निकल भागा. जब मैं कार में जा रहा था तो वे चिल्ला रहे थे ‘उसे पकड़ो’.”

एक घंटे बाद पुलिस ने आकर मामले को शांत किया.

भारत में कांगों के छात्रों क्यों गिरफ्तार किया गया इस बारे में विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं. पुलिस पर उनके साथ दुर्व्यवहार का आरोप भी लग रहा है.

लेकिन कांगो में भारत के राजदूत राम मनोहर ने बीबीसी से कहा कि पुलिस ने छात्रों के साथ मारपीट नहीं की थी लेकिन गिरफ्तारी के दौरान कुछ हिंसा जरूर हुई थी.

रिश्ते

उन्होंने कहा कि बुधवार दोपहर के बाद 21 में से 17 छात्रों को छोड़ दिया गया था.

मनोहर ने कहा कि जालंधर की घटना एक अपवाद है और इससे भारत और कांगो के बीच रिश्ते प्रभावित नहीं होंगे.

उन्होंने कहा, “इस घटना को किसी देश या समुदाय के खिलाफ हिंसा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.”

भारतीय राजदूत ने कहा, “कांगो में तैनात संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में हमारे सैनिकों की संख्या सबसे ज्यादा है. हर साल कांगो के 6000 से 8000 छात्र भारत में पढ़ने जाते हैं.”

कांगो के उप विदेश मंत्री ने सभी छात्रों को तुरंत छोड़ने की मांग की थी. साथ ही कांगो की सरकार ने सभी छात्रों की मेडिकल जांच होनी चाहिए.

आत्महत्या की कोशिश

इससे पहले पीटीआई ने ख़बर दी थी कि जालंधर में हिरासत में लिए गए कांगो के एक छात्र ने आत्महत्या करने की कोशिश की थी.

दिल्ली में बीबीसी संवाददाता एमानुल डेरविले ने कहा कि हिरासत में लिए गए अधिकांश छात्र किंशासा से हैं और वे पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कॉमर्स या इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं.

पुलिस का कहना है कि शनिवार को जालंधर में एक बस स्टॉप पर एक स्थानीय और कांगो के कुछ छात्रों के बीच झड़प हो गई थी जिसके बाद इन छात्रों को गिरफ्तार किया गया था.

जालंधर के पुलिस उपायुक्त जसप्रीत सिंह ने कहा कि कांगो के छात्रों ने मारपीट के बाद भारतीय छात्र का बैग भी चुरा लिया था.

नस्ली हमला

उन्होंने कहा, “जब हम घटनास्थल पर पहुंचे तो हमने देखा कि कांगो के कई छात्र वहां पहुंच चुके थे. हमने उन्हें शांत करने की कोशिश की लेकिन वे बहुत आक्रामक थे. उन्होंने हमारी बेइज्जती की और हम पर हमले किया.”

लेकिन कांगो के छात्रों का कहना है कि कांगो का एक छात्र बस स्टॉप पर खड़ा था कि तभी वो एक कार के नीचे आते-आते बचा. इसके बाद उसे बल्ले से पीटा गया. कांगो के छात्रों ने इसे नस्ली हमला बताया.

वहां से गुजर रहे कांगो के एक छात्र ने अपने साथी को पिटते देखा तो उसने दूसरे छात्रों को इस बारे में जानकारी दी.

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