सेक्स क्रांति लाने वाली वायाग्रा का पेटेंट समाप्त

दुनिया में सेक्स क्रांति लाने वाली गोली वायाग्रा पर से फ़ाइज़र कंपनी का पेटेंट आज से समाप्त हो जाएगा. इसके बाद यह गोली कोई भी कंपनी बना करा दुनिया के किसी भी कोने में बेच सकेगी.

नीले रंग की इस नन्ही सी गोली को 15 साल पहले बाज़ार में उतारा गया था.

मूलतः दिल की बीमारी के लिए खोजी जा रही इस गोली के साइड इफेक्ट्स ने साइड इफेक्ट्स को ही इस गोली को मुख्य उद्देश्य बना दिया. प्रयोगों के दौरान यह पाया गया कि यह दवा पुरुष गुप्तांग में शिथिलता को दूर करती है.

'सुखद दुर्घटना'

दरअसल फ़ाइज़र एक ऐसी दवा ईजाद करना चाहती थी जिसके द्वारा एक बीमारी के चलते दिल की सख्त हो चुकी नसों को शिथिल किया जा सके.

दवा के मनुष्यों पर परीक्षण के दौरान फ़ाइज़र को नाउम्मीदी ही हाथ लगी. फ़ाइज़र इस परियोजना को बंद करने ही वाली थी कि परीक्षण में साथ दे रहे लोगों ने इस दवा के साइड इफेक्ट्स के बारे में बताया.

दुनिया भर में बुजुर्ग पुरुषों के बीच यह गोली बेहद लोकप्रिय साबित हुई. लेकिन इसके खरीददारों में युवा पुरुषों की भी कमी नहीं थी. अपने शुरूआती दस सालों में फ़ाइज़र की इस दवा ने 30 करोड़ पुरुषों की मदद की.

यह गोली के ज़रिए ली जाने वाली अपने किस्म की दुनिया में पहली दवा थी.

ऐसे और भी

वैसे दुनिया के इतिहास में ऐसा पहली बार नहीं हुआ था जब कोई दवा किसी और काम के लिए ईजाद की गई हो व बाद में वो किसी और काम के लिए इस्तेमाल में लाई जाने लगी हो.

वायाग्रा की तरह ही अस्थमा के इलाज में सूंघने वाली एक दवा वेंटोलिन समय पूर्व प्रसव को रोकने के लिए भी काम में लाई जाती है. इसी तरह से बीते ज़माने के एक ज़हर आर्सेनिक को ल्यूकेमिया जैसी घातक बीमारी के इलाज के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है.

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