हॉन्गकॉन्ग से 'मॉस्को' पहुंचे स्नोडेन

Image caption एडवर्ड स्नोडेन को अमरीकी सरकार ने भगोड़ा घोषित किया है, और उनकी तलाश में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं.

ऐसा माना जा रहा है कि अमरीकी खुफिया विश्लेषक एडवर्ड स्नोडेन हॉन्गकॉन्ग से चलकर मॉस्को हवाई अड्डे पर पहुंच गए हैं. लेकिन ऐसी आशंका जताई जा रही है कि वो वहां से किसी और देश के लिए उड़ान भरेंगे.

स्थानीय समय के अनुसार एडवर्ड स्नोडेन का विमान शाम 5.10 बजे मॉस्को पहुँचा.

रूस के चैनल 24 ने कहा है कि स्नोडेन के पास रूस का वीजा नहीं है इसलिए वो रात भर हवाई अड्डे पर ही रुकेंगे और सोमवार को हवाई अड्डे से ही से क्यूबा के लिए रवाना हो जाएँगे.

हवाईसेवा से जुड़े एक सूत्र के अनुसार स्नोडेन क्यूबा से वेनेजुएला चले जाएँगे. क्योंकि इन देशों से अमरीका में प्रत्यर्पण की संभावना ना के बराबर है.

यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि स्नोडेन इक्वेडोर भी जा सकते हैं.

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार इक्वेडोर के राष्ट्रीय ध्वज वाली उसके दूतावास की कार उस विमान के आने के बाद हवाईअड्डे पर देखी गई थी.

इस मामले पर बयान देते हुए हॉन्गकॉन्ग सरकार ने कहा था कि अमरीकी सरकार प्रत्यर्पण की आवश्यक्ताएँ पूरी नहीं कर सकी थी.

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज भी इक्वेडोर के लंदन दूतावास में पनाह लिए हुए हैं. विकीलीक्स ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि वह "किसी लोकतांत्रिक देश में राजनीतिक शरण" पाने में स्नोडेन की पूरी मदद करेगी.

स्नोडेन एक ख़ुफ़िया विश्लेषक हैं और इस साल मई में अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) द्वारा फ़ोन कॉल्स के रिकॉर्ड और इंटरनेट डेटा की निगरानी किए जाने का ख़ुलासा करने के बाद वह हॉन्गकॉन्ग चले गए थे.

अमरीका को झटका

हॉन्गकॉन्ग में बीबीसी संवाददाता जॉन सुडवर्ड ने कहा है कि इस घटनाक्रम से स्नोडेन को प्रत्यर्पित करने की अमरीकी कोशिशों को तगड़ा झटका लगा है.

व्हाइट हाउस ने शनिवार को हॉन्गकॉन्ग से संपर्क किया था, ताकि स्नोडेन को प्रत्यर्पित किया जा सके.ओबामा प्रशासन ने बीबीसी से इस बात की पुष्टि की है कि उसने उनके प्रत्यर्पण के लिए कहा था.

हॉन्गकॉन्ग प्रशासन का कहना है कि वाशिंगटन की तरफ़ से जमा कराए गए प्रत्यर्पण दस्तावेज़ ''हॉन्गकॉन्ग के क़ानून की ज़रूरतें पूरी नहीं करते.'' हॉन्गकॉन्ग का कहना है कि उसने इस सिलसिले में अमरीका के जस्टिस डिपार्टमेंट से और जानकारी मांगी थी.

हॉन्गकॉन्ग सरकार ने कहा है, ''सरकार को अमरीकी मांग के बारे में और सूचनाओं की दरकार है. हमारे पास ऐसा कोई क़ानूनी आधार नहीं है जिससे स्नोडेन को हॉन्गकॉन्ग छोड़ने से रोका जा सके.''

Image caption एडवर्ड स्नोडेन के ख़िलाफ़ जासूसी और सरकारी संपत्ति की चोरी के आरोप हैं.

सरकारी बयान के मुताबिक अमरीका को हॉन्गकॉन्ग सरकार के फैसले के बारे में जानकारी दे दी गई है.

आपराधिक मुक़दमा

इससे पहले अमरीकी न्याय विभाग ने स्नोडेन के खिलाफ आपराधिक मुक़दमा दर्ज कराया था. स्नोडेन के ख़िलाफ़ मुक़दमा ख़ुफ़िया निगरानी अभियान का ब्यौरा सार्वजनिक करने के आरोप में दर्ज कराया गया है.

अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी यानी एनएसए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन के ख़िलाफ़ जासूसी और सरकारी संपत्ति की चोरी के आरोप हैं.

अदालती दस्तावेज़ों के मुताबिक वर्जीनिया के पूर्वी ज़िले की एक संघीय अदालत में शिकायत दर्ज कराई गई और अस्थायी गिरफ़्तारी वारंट जारी किया गया.

प्रत्येक आरोप के लिए अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है. यह शिकायत 14 जून को दर्ज कराई गई थी, हालांकि इस शुक्रवार को सार्वजनिक किया गया.

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