मंडेला की सेहत 'आज काफ़ी बेहतर': जैकब ज़ूमा

मंडेला के लिए प्रार्थना

दक्षिण अफ़्रीक़ा के राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा ने कहा है कि नेल्सन मंडेला की हालत में सुधार हुआ है, लेकिन उनकी सेहत अभी भी नाज़ुक बनी हुई है.

जैकब ज़ूमा ने 94 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति के चिकित्सकों के साथ बातचीत के बाद बताया कि, "बीती रात जब मैंने उन्हें देखा था, उसके मुक़ाबले आज वह काफ़ी बेहतर हैं."

दक्षिण अफ़्रीका के पहले काले राष्ट्रपति रहे मंडेला आठ जुलाई से ही प्रीटोरिया के एक अस्पताल में भर्ती हैं. उनके फेफड़े में संक्रमण है.

जैकब ज़ूमा बुधवार को मंडेला को देखने अस्पताल गए. जिसके बाद उन्होंने अपनी प्रस्तावित मोज़ाम्बिक यात्रा रद्द करने का फ़ैसला किया. जैकब ज़ूमा को गुरुवार को मोज़ाम्बिक में एक क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेना था.

राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान में ये बताया गया है कि जैकब ज़ूमा को डॉक्टरों ने मंडेला की हालत से अवगत कराया.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मंडेला को "दुनिया का नायक" बताया है. उन्होंने कहा कि "उनकी विरासत युगों तक बरक़रार रहेगी."

नाराजगी

इसबीच मंडेला की बेटी मकाजिव मंडेला ने कहा है कि, "मैं झूठ नहीं बोलूंगी, वह अच्छे नहीं लग रहे हैं."

उन्होंने कहा, "लेकिन यदि हम उनसे बात करते हैं, तो वह प्रतिक्रिया देते हैं और अपनी आँखे खोलने की कोशिश करते हैं. वह अभी भी हमारे बीच में हैं."

लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पत्रकार 'गिद्धों' की तरह बर्ताव कर रहे हैं और उनके पिता की मौत का इंतज़ार कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, "ज्यादातर विदेशी राष्ट्रीय मीडिया में एक तरह का नस्लवादी तत्व है, जहाँ वे सीमाओं को पार कर जाते हैं."

शोक का माहौल

प्रीटोरिया अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में मंडेला के प्रशंसक जमा हो गए हैं और उनकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.

बच्चों ने पूर्व राष्ट्रपति के सम्मान में उनकी उम्र के प्रत्येक वर्ष के हिसाब से कुल 94 गुब्बारे हवा में छोड़े.

खुलीली मलोंडलीनी ने बीबीसी को बताया, “हम मंडेला को ऐसे दर्द से गुज़रते हुए नहीं देखना चाहते हैं, यह उनके जीवन का मुश्किल वक्त है और वो काफ़ी संघर्ष से गुज़रे हैं. मैं सोचना हूँ कि संघर्ष जल्द ही ख़त्म हो जाना चाहिए.”

रायटर समाचार एजेंसी ने 25 वर्षीय जॉन एन्डलोवू के हवाले से बताया है, “जब वो नहीं रहेंगे तो हम सभी को दु:ख होगा, लेकिन साथ ही हम उनके जीवन का उत्सव भी मनाएंगे. उन्होंने इस देश के लिए कई महान काम किए हैं.”

प्रेरणादायी जीवन

जोहानेसबर्ग से बीबीसी संवाददाता माइक वुल्डरिज का कहना है कि राष्ट्रपति ज़ूमा का अपनी यात्रा रद्द करना मंडेला की गंभीर हालत की ओर इशारा करता है.

मदीबा के नाम से मशहूर मंडेला को दक्षिण अफ़्रीका में अल्पसंख्यक गोरों के शासन के ख़िलाफ़ संघर्ष का नेतृत्व करने के कारण जाना जाता है. 27 साल तक जेल में बंद रहे मंडेला ने बाद में मेल-मिलाप की वकालत की.

वर्ष 1993 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया. वर्ष 1994 में वे दक्षिण अफ़्रीका के पहले काले राष्ट्रपति बने. वे 1999 तक दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति रहे.

वर्ष 2004 में मंडेला ने सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लिया था. उसके बाद उन्हें कभी-कभार ही किसी सरकारी समारोह में देखा जाता था.

मंडेला फेफड़े के संक्रमण से कई बार परेशान रहे हैं. 1980 के दशक में उन्हें टीबी भी हुआ था. उस समय वे जेल में बंद थे.

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