इस घर की दीवारों से आप लटक सकते हैं!

  • 27 जून 2013

लंदन के पूर्वी हिस्से में इन दिनों कुछ अविश्वसनीय सा होता दिख रहा है. लोग वहाँ स्पाइडरमैन की तरह दीवारों पर चल रहे हैं, खिड़कियों से लटक रहे हैं और न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत तो जैसे वहाँ लागू ही नहीं होता.

वहाँ कला का एक थ्री डायमेंशनल यानी त्रिआयामी इंस्टालेशन देखने को मिल रहा है. इस इंस्टालेशन के केंद्र में है एक घर.

दरअसल इस इंस्टालेशन को जिस घर में प्रदर्शित किया गया है उसे डाल्स्टन हाउस के नाम से जाना जाता है. डाल्स्टन हाउस पहले से ही थिएटर और आर्ट्स से जुड़े आयोजनों का केंद्र रहा है.

फ़िल्मी सेट जैसा घर

इसे यूरोप में मल्टी आर्ट्स को प्रस्तुत करने वाले समूह और लंदन आर्किटेक्चर फेस्टिवल, 2013 की आधिकारिक सहयोगी द बारबिकन की ओर से प्रदर्शित किया गया है.

इसे इंग्लैंड की आर्ट काउंसिल और ब्रिटेन स्थित अर्जेंटीना के दूतावास की मदद से लगाया गया है. 26 जून से शुरू हुई ये प्रदर्शनी 4 अगस्त तक चलेगी.

इस आर्ट इंस्टालेशन के जनक है लियानेद्रो इरलिच. इरलिच त्रिआयामी आर्ट्स के क्षेत्र में बेहद मशहूर कलाकार हैं.

उन्होंने इस घर को किसी फ़िल्मी सेट की तरह तैयार किया है. दरअसल ज़मीन पर एक घर के जैसा सेट बिछाया गया है. उसी सेट से लगाकर 45 डिग्री के कोण पर एक दर्पण लगा है.

मिरर का कमाल

उस मिरर या दर्पण में ज़मीन पर बिछे घर की परछाई कुछ इस तरह दिखती है जैसे आप सीधे खड़े घर पर दीवार पर चल रहे हैं या खिड़की से लटके हैं.

आप घर की बैठक में बैठकर, खड़े होकर, लेटकर- जैसी भी मुद्रा अपनाते हैं घर की दीवार पर वे हरकतें करते नजर आते हैं.

इस इंस्टालेशन को देखने के लिए आने वाले बच्चे, बड़े, युवा, महिला और बुजुर्ग हर कोई अचरज में पड़ जाता हैं लेकिन इसका लुत्फ उठाने में कोई पीछे नहीं रहना चाहता.

इरलिच कहते हैं कि उनके कलात्मक इंस्टालेशनों में हमेशा से दर्शकों की राय अहम रही है.

उनके इस इंस्टालेशन को देखने वाले अधिकांश दर्शकों को अलफ्रेड हिचकॉक, डेविड लायंच, लुइस बूनूल और रोमन पोलंस्की जैसे निर्देशकों की डरावनी फिल्मों की याद आ जाती है.

इरलिच ने इतना ही नहीं अपने आर्किटेक्चर की काबिलियत को प्रदर्शित करते हुए इसमें खूबसूरती से दरवाजे, खिड़कियां और अन्य साजो समान को चित्रित किया है.

वे इससे पहले त्रिआयामी स्विमिंग पूल पर इंस्टालेशन का आयोजन कर चुके हैं. यह ऐसा स्विमिंग पूल था जिसमें आप बिना भीगे उतर सकते थे और तैर सकते थे.

लियानेद्रो इरलिच का जन्म 1973 में ब्यूनस आयर्स के एक आर्किटेक्चरों के परिवार में हुआ था. वे ब्यूनस आयर्स और उरग्वे की राजधानी मोंटेवेडियो में रहते हैं.

उनके काम की प्रदर्शनी यूरोप, एशिया, उत्तरी अमरीका और दक्षिण अमरीका में लगती रही हैं. आने वाले दिनों में उनकी एंटी-ग्रेविटी पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन जापान टोयोटा म्यूनिसिपल म्यूज़ियम में होने वाला है.

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