नवजातों के हत्यारे डॉक्टर को तीन उम्रकैद

  • 28 जून 2013
Image caption डॉ केर्निट गोस्नेल को एक साथ तीन उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है

अमरीका के फिलेडेल्फ़िया शहर में एक डॉक्टर को तीन नवजात बच्चों की हत्या का आरोप सिद्ध होने पर एक साथ तीन उम्र कैद की सज़ा सुनाई गई है.

पश्चिमी फ़िलेडेल्फ़िया में अपने क्लीनिक में 31 साल के दौरान उन्होंने 16000 गर्भपात किए.

उन पर असुरक्षित और खतरनाक तरीके से गर्भपात करने और अप्रशिक्षित कर्मचारियों को रखने का आरोप सिद्ध हुआ है.

अमरीका के स्वास्थ्य विभाग पर भी गोस्नेल के क्लीनिक की अनदेखी का आरोप है.

डॉ केर्मिट गोस्नेल किसी समय अपने समुदाय के आदर्श माने जाते थे लेकिन आज वह एक राष्ट्रीय शर्म का विषय बन गए हैं.

अनपढ़ कर्मचारी

अमरीका के सबसे गरीब बड़े शहरों के एक गरीब इलाके पश्चिमी फिलेडेल्फ़िया में गोस्नेल का जन्म एक प्रमुख अफ्रीकी-अमरीकी परिवार में हुआ था.

उन्होंने शहर के सबसे अच्छे हाई स्कूल से शिक्षा ली और फिर स्थानीय टॉमस जेफरसन विश्वविद्यालय से मेडिसिन की पढ़ाई की.

फिलेडेल्फ़िया इनक्वायरर के लिए गोस्नेल पर लिखने वाले जो स्लोबोद्ज़ियान के अनुसार, “शायद वह वहां अपने समय के पहले अफ्रीकी-अमरीकी मेडिकल छात्र थे और हर मायने से उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया.”

साल 1979 में गोस्नेल ने अपने पुराने घर के नज़दीक ही क्लीनिक खोला.

एक स्थानीय नेता पीट विल्सन कहते हैं, “मेरे ख़्याल से उसने अपने समुदाय के लिए बहुत अच्छा काम किया. 13, 14, 15 साल की लड़कियां ग़लती कर बैठती थीं और उनके मां-बाप उन्हें उसके पास ले जाते थे.”

विल्सन कहते हैं, “कमरों में रोशनी कम होती थी और अगर आप मजबूर न हो तो आप ऐसे क्लीनिक में नहीं जाना चाहोगे. लेकिन वहां गर्भपात करवाना बहुत सस्ता था और जो कहीं नहीं जा पाता था वहां जाता था.”

अनुमानतः गोस्नेल हर साल 10.84 करोड़ रुपये कमा रहे थे.

Image caption डॉ गोस्नेल पर तीन नवजात बच्चों की हत्या का आरोप सही पाया गया

वह सस्ते और अप्रशिक्षित कर्मचारी रखकर पैसे बचाते थे. एक “एनेस्थीटिस्ट” दसवीं पास भी नहीं था.

नवजातों की हत्या

अमरीका में 1973 से ही गर्भपात को कानूनी मान्यता मिली हुई है. लेकिन इसके लिए हर राज्य की अपनी सीमा है जो कि अधिकतम 24 हफ़्ते तक की है.

पेन्सिलवेनिया राज्य, जहां गोस्नेल का क्लीनिक था, में 24 हफ़्ते तक गर्भपात किया जा सकता था. सामान्य गर्भ 38 हफ़्ते का होता है.

डिस्ट्रिक्ट एटर्नी सेठ विलियम्स बताते हैं कि वैध गर्भपात में मां के जन्म देने से पहले भ्रूण को एक प्राणघातक दवा का इंजेक्शन लगाया जाता है.

लेकिन गोस्नेल ऐसा नहीं करते थे, क्योंकि यह महंगा पड़ता.

विलियम्स कहते हैं “उसने जो किया वह आपराधिक था. वह बच्चों को ज़िंदा जन्म लेने देता था और फिर उनकी रीढ़ की हड्डी तोड़कर उन्हें मार देता था.”

वह कहते हैं, “यह सरकारी तंत्र की पूरी तरह विफलता थी जिसने ऐसे क्लीनिक को सालों तक नज़रअंदाज़ किया.”

उन्हें पता चला कि 2010 में बंद किए जाने से पहले गोस्नेल के क्लीनिक की आखिरी बार जांच 1993 में की गई थी.

साल 2010 में पुलिस ने एक ड्रग वारंट को तामील करने के लिए गोस्नेल के क्लीनिक पर छापा मारा तो उन्हें जारों में पैर, नालियों में हड्डियां और फ्रिज में रखे गए भ्रूण मिले.

“और गोस्नेल होंगे”

डॉ गोस्नेल के मामले के चर्चा में आने के बाद पिछले साल गर्भपात पर एक नया सख़्त कानून एक्ट 122 बनाया गया.

Image caption पेन्सिलवेनिया में गर्भपात पर नया कानून लागू होने के बाद से कई गर्भपात क्लीनिक बंद हो चुके हैं

लेकिन गर्भपात करवाने वाले क्लीनिकों का कहना है कि नए कानून के सभी प्रावधानों का महिलाओं की सुरक्षा से संबंध नहीं है अलबत्ता इससे खर्च बढ़ गया है.

फ़िलेडेल्फ़िया के सबसे पुराने गर्भपात केंद्र- द फ़िलेडेल्फ़िया वीमेन्स सेंटर- की निदेशक एलिजा़बेथ बार्न्स कहती हैं कि उनका केंद्र हमेशा ही साफ़ और हवादार रहा है लेकिन नया हीटिंग और कूलिंग सिस्टम लगवाने पर उन्हें 3.01 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े हैं.

वह कहती हैं कि लागत बढ़ाकर नया कानून क्लीनिकों को व्यवसाय से बाहर कर रहा है और नए क्लीनिकों को खुलने से रोक रहा है.

एक्ट 122 के लागू होने से पहले फ़िलेडेल्फ़िया में 24 गर्भपात केंद्र थे लेकिन अब 19 ही रह गए हैं.

लेकिन फिलेडेल्फ़िया की यौन स्वास्थ्य हॉटलाइन, चॉयस, के अनुसार गर्भपात की मांग कम नहीं हुई है.

बार्न्स कहती हैं, “गोस्नेल इसलिए सफल हुए कि क्योंकि इसकी मांग थी और उनके समुदाय में कोई इसे पूरा नहीं कर पा रहा था.”

वह कहती हैं कि हम उम्मीद कर सकते हैं कि कोई यह मांग पूरी करने के लिए कोई ढंग का सामने आएगा लेकिन अगर यह व्यवसायिक रूप से घाटे का सौदा हो तो कोई भी यह काम नहीं करेगा.

इसका मतलब यह होगा कि “और गोस्नेल” पैदा होंगे- मतलब और असुरक्षित गर्भपात होंगे.

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