'26 हज़ार अमरीकी सैनिक यौन शोषण के शिकार'

जेरेमिया एरबोगैस्ट
Image caption पूर्व मरीन जेरेमिया ने अपने अनुभवों को बीबीसी के साथ शेयर किया.

अमरीकी रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार साल 2012 में लगभग 26 हज़ार अमरीकी सैनिक जिनमें महिला और पुरूष दोनों शामिल हैं, वे किसी न किसी प्रकार से सेना के भीतर ही यौन शोषण के शिकार बने हैं.

सेना में बढ़ती यौन हिंसा के विरोध में अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अमरीकी रक्षा मंत्रालय के ज़रिए जारी किए गए ताज़े आंकड़े इस ओर इशारा करते हैं कि ये समस्या कितनी गंभीर है और इससे इस बात की भी जानकारी मिलती है कि सेना में यौन शोषण के शिकार निचले स्तर के सैनिक और अधिकारी अपने सैन्य अधिकारियों को इसकी जांच कराने के लिए भी नहीं कह पाते हैं.

सेना के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार साल 2012 में केवल 3,374 मामलों को दर्ज किया गया था जिनमें केवल 302 मामलों में ही दोषियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाया जा सका और वो भी जिनमें पीड़ितों ने केस का लगातार फ़ॉलो अप करते रहे.

हालाकि जब भी सेना में यौन शोषण की बात होती है तो सारा ध्यान महिलाओं के यौन शोषण की ओर केंद्रित हो जाता है लेकिन सेना में उनकी हिस्सेदारी केवल 15 फ़ीसदी है जबकि रक्षा मंत्रालय की इस ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार हज़ारों पुरूष सैनिक भी यौन शोषण के शिकार होते हैं.

जेरेमिया एरबोगैस्ट

Image caption अमरीकी सेना में 15 फ़ीसदी महिलाएं हैं.

अमरीका के पूर्व मरीन जेरेमिया एरबोगैस्ट एक अमरीकी सैन्य अड्डे पर यौन शोषण के शिकार हुए थे और एक सार्जेंट ने उनका बलात्कार किया था.

मरीन जेरेमिया एरबोगैस्ट ने बीबीसी से बातचीत के दौरान अपने उन अनुभवों का ज़िक्र किया कि किस तरह से उनका यौन शोषण किया गया था और इसका उनके जीवन पर क्या असर पड़ा था.

जेरेमिया ने 2006 में अमरीकी मरीन से रिटायरमेंट ली थी लेकिन उसके बाद भी वो सेना के भीतर उनके साथ किए गए यौन शोषण की मांसिक पीड़ा से ऊबर नहीं पाए.

बीबीसी से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि साल 2009 उनका सब ख़राब दिन था जब उन्हें अक्सर लगता था कि वो दूसरों पर एक बोझ हैं.

लेकिन फिर उन्हें हिम्मत मिली और अब उन्हें लगता है कि वो इस ज़िंदगी से लड़ाई करते रहेंगे.

जेरेमिया के अनुसार अब उनका केवल एक ही सपना है कि अमरीकी सेना में मौजूद ऐसे लोगों का पर्दाफ़ाश किया जाए जो कि मासूम लोगों की ज़िदगी बर्बाद करते हैं.

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