ऐप्पल ने ई-बुक्स की कीमतें फ़िक्स की थीं: अमरीकी अदालत

  • 11 जुलाई 2013
ऐप्पल
Image caption ऐप्पल ने फ़ैसले के ख़िलाफ़ ऊंची अदालतों में जाने की बात कही है.

एक अमरीकी जज ने अपने फ़ैसले में कहा है कि इलेक्ट्रानिक्स और कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर बनाने वाली कंपनी ऐप्पल ने ई-बुक की कीमतों को बेजा तरीक़े से तय करने के लिए प्रकाशकों से मिलकर साठगांठ की थी.

मैनहट्टन के न्यायाधीश डेनिस कोट ने कहा कि आईपैड के निर्माता ने “व्यापार पर नियंत्रण के लिए षडयंत्र किया.”

ऐप्पल के प्रवक्ता टॉम न्यूमायर ने कहा कि वो इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे और उनके ऊपर लगाए गए “झूठे आरोपों” को गलत साबित करने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे.

ऐप्पल के साथ इस मामले में मुख्य प्रतिवादी पाँच अन्य पुस्तक प्रकाशकों ने पहले ही अदालत में समझौता कर लिया है. इन प्रकाशकों में पेंगुइन भी शामिल है

न्यायाधीश ने इस मामले में जुर्माना तय करने के लिए सुनवाई करने का हुक्म दिया है.

अमरीकी न्याय विभाग के अनुसार ये सांठगांठ ई-बुक्स की ऑनलाइन बिक्री में अमेज़न के दबदबे को चुनौती देने के लिए किया गया था.

पेंगुइन ने अपने मामले को निपटाने के लिए सात करोड़ पचास लाख डॉलर में समझौता किया. हैचेट, हार्पर कॉलिंस और साइमन एंड शु्स्टर ने उपभोक्ताओं के उनके पैसे वापस देने के लिए छह करोड़ नब्बे लाख का फण्ड बनाया है. मैकमिलन ने यह समझौता दो करोड़ साठ लाख में किया गया हो.

अदालत ने कहा, “यदि ऐप्पल इस षडयंत्र में शामिल न हुआ होता तो ये उतना सफल नहीं होता जितना की 2010 के बसंत में हुआ.”

जारी रहेगी लड़ाई

Image caption इस मामलों में कई प्रकाशकों ने पहले समझौता कर लिया है.

अमरीका के असिस्टेंट अटार्नी जनरल बिल बेयर ने कहा, “यह ई-बुक्स पढ़ने वाले लाखों उपभोक्ताओं की जीत है.”

बेयर के अनुसार न्यायाधीश डेनिस कोट न्याय विभाग और 33 राज्यों के अटार्नी जनरल की इस बात से सहमत थे कि ऐप्पल के आला अधिकारियों ने पाँच बड़े प्रकाशकों के साथ मिलकर कीमतें बढ़ाने के लिए सज़िश की थी.

उपभोक्ता समूहों ने अदालत के फ़ैसले का स्वागत किया है.

कन्ज़्यूमर फेडरेशन ऑफ अमरीका से जुड़े मार्क कूपर ने कहा, “अगर हम कंपनियों की इस तरह की हरकतों को नजरअंदाज करते हैं तो हम डिजिटल क्रांति से होने वाले लाभ के बड़े हिस्से से महरूम रह जाएँगे.” फेडरेशन ने इस मामले में एक सह-याचिका दायर की थी.

फैसला आने के बाद ऐप्पल के प्रवक्ता टॉम न्यूमायर ने कहा कि ऐप्पल ने बाजार में नए आविष्कारों और प्रतिद्वंदिता को बढ़ावा दिया है, इसे रोका नहीं है.

“ऐप्पल ने ई-बुक्स की कीमतें बढ़ाने के लिए किसी तरह की कोई साज़िश नहीं की थी. हम इन झूठे आरोपों के खिलाफ लड़ते रहेंगे. हमने कुछ ग़लत नहीं किया है.”

दूसरों के लिए चेतावनी

Image caption मामले में कंपनी के साथ पाँच बड़े प्रकाशक भी शामिल थे.

इसके पहले ऐप्पल के वकील ओरीन स्नाइडर ने अदालत में कहा था कि यदि न्यायाधीश कोट यह निर्णय लेती हैं कि ऐप्पल ने कीमतें से साथ छेड़छाड़ की थी तो वो एक “ख़तरनाक नजीर” पेश करेंगी..

कोलंबिया विश्वविद्यालय के विधि विभाग के प्रोफेसर स्काट हेमफिल के अनुसार अदालत का फैसला संकीर्ण हैं और यह किसी तरह का उदाहरण बनकर नहीं उभरेगा.

“यह बस तकनीकी कंपनियों एक संदेश दे सकता है कि वे क्या कर सकती हैं और क्या नहीं.”

उन्होंने कहा, "यह फैसला जिला न्यायालय से आया है इसलिए नजीर के रूप में इसका सीमित प्रयोग ही किया जा सकता है.”

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