रूस में फँस गए हैं स्नोडेन: पुतिन

एडवर्ड स्नोडेन
Image caption स्नोडेन ने कहा है कि वह रूस से अस्थाई राजनीतिक शरण माँग रहे हैं

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि अमरीका ने एडवर्ड स्नोडेन को एक तरह से रूस में घेरकर फँसा दिया है.

वैसे साथ ही पुतिन ने ये भी कहा कि स्नोडेन को अगर मौक़ा मिला तो वह देश छोड़कर दूसरी जगह चले जाएँगे.

अमरीका के इंटरनेट निगरानी कार्यक्रम की जानकारी लीक करने के मामले में स्नोडेन की तलाश हो रही है.

कई दक्षिण अमरीकी देश स्नोडेन को शरण देना स्वीकार कर चुके हैं मगर चूँकि स्नोडेन के पास यात्रा के लिए ज़रूरी कोई भी दस्तावेज़ नहीं है इसलिए वह मॉस्को हवाई अड्डे के ट्रांज़िट क्षेत्र से बाहर नहीं जा पा रहे हैं.

पुतिन ने वैसे तो स्नोडेन को अमरीकी अधिकारियों को सौंपने से इनकार किया है मगर साथ ही ये भी कहा है कि अगर स्नोडेन अमरीकी निगरानी कार्यक्रम के बारे में जानकारी लीक करना रोक दें तभी वह रूस में रह सकते हैं.

'फँस गए स्नोडेन'

पुतिन का कहना था कि स्नोडेन रूस में नहीं रहना चाहते और किसी दूसरे देश में जाना चाहते हैं.

जब पुतिन से स्नोडेन के भविष्य के बारे में पूछा गया तो रूसी राष्ट्रपति का जवाब था, "मुझे कैसे पता होगा? ये उनकी ज़िंदग़ी है."

पुतिन ने कहा, "वह हमारी सीमा में बिना किसी बुलावे के आए. और ये उनका अंतिम पड़ाव भी नहीं है... मगर जैसे ही वह हवाई यात्रा में पहुँचे हमारे अमरीकी साथियों ने आगे की उनकी सभी उड़ानें बंद करवा दीं."

रूसी राष्ट्रपति ने अमरीका पर आरोप लगाते हुए कहा, "उन्होंने (अमरीका ने) बाक़ी दूसरे देशों को डरा दिया है, कोई भी उन्हें अपने यहाँ नहीं आने देना चाहता.. इस तरह से उन्होंने (अमरीका ने) ख़ुद ही उन्हें (स्नोडेन को) हमारी सीमा में फँसाकर घेर दिया है."

हॉन्गकॉन्ग से 23 जून को आने के बाद से स्नोडेन शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे के ट्रांज़िट क्षेत्र में स्थित कैप्सूल होटल में फँसे हुए हैं.

राजनीतिक शरण

स्नोडेन ने कम से कम 21 देशों से राजनीतिक शरण की माँग की थी जिनमें से अधिकतर ने उनकी ये माँग ठुकरा दी. मगर बोलीविया, निकारागुआ और वेनेज़ुएला ने ये संकेत दिए हैं कि वे स्नोडेन को शरण दे सकते हैं.

अब शरण से जुड़े किसी दस्तावेज़, वैध पासपोर्ट या रूसी वीज़ा के बिना वह ट्रांज़िट क्षेत्र से निकल नहीं पा रहे हैं. बताया जा रहा है कि उनके पास इनमें से कुछ भी नहीं है.

शुक्रवार को स्नोडेन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि वह रूस से अस्थाई शरण माँग रहे हैं और इसके बाद वह दक्षिण अमरीका चले जाएँगे. मगर रूसी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक ऐसा कोई अनुरोध नहीं मिला है.

अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी यानी एनएसए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन के ख़िलाफ़ जासूसी और सरकारी संपत्ति की चोरी के आरोप हैं.

स्नोडेन ने आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एनएसए के एक गोपनीय अभियान 'प्रिज़्म' के तहत बड़ी तादाद में फ़ोन कॉल्स और इंटरनेट से जुड़ी जानकारियाँ इकट्ठी की गई हैं.

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