राजा जिसने अपने बेटे के लिए गद्दी छोड़ी

बेल्जियम में नया राजा
Image caption नए राजा ने कहा है कि वो संविधान की सर्वोच्चता को बरकरार रखेंगे.

यूरोपीय देश बेल्जियम में युवराज फिलिप ने नए राजा के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां संभाल ली हैं.

रविवार को राजधानी ब्रसेल्स में देश की संसद में हुए एक कार्यक्रम में फिलिप के पिता एल्बर्ट द्वितीय ने अपने बेटे को गद्दी सौंपी और इस दौरान वो काफी भावुक दिखे.

ऑक्सफोर्ड और स्टैनफोर्ड में पढ़े नए राजा फिलिप प्रशिक्षित एयरफोर्स पायलट हैं और उन्होंने देश के सातवें राजा के तौर पर शपथ ग्रहण की.

तालियों की गड़गड़ाहट के बीच 53 वर्षीय राजा फिलिप ने संविधान की सर्वोच्चता को बरकरार रखने का वादा किया.

बेल्जियम में संवैधानिक राजशाही है जिसमें राजा की भूमिका सिर्फ रस्मी राष्ट्राध्यक्ष की होती है.

राजा की जिम्मेदारियों में से एक राजनीतिक संकट को टालना भी है.

'एकजुट रहे देश'

Image caption राजा एल्बर्ट द्वितीय ने खराब सेहत के चलते अपना पद छोड़ा है

पद छोड़ने के कानून पर हस्ताक्षर करने से पहले 79 वर्षीय राजा एल्बर्ट ने अपने अंतिम भाषण में कहा कि उनका देश 'यूरोप के लिए लगातार प्रेरणा' बना रहना चाहिए.

उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि मुख्यतः डच और फ्रेंच भाषी दो इलाकों में बंटा बेल्जियम एकजुट बना रहे.

राजा एल्बर्ट ने बीस साल पहले गद्दी संभाली थी और अब उन्होंने अपनी बिगड़ती सेहत को देखते हुए अपना पद छोड़ने का फैसला किया है.

एक रंगारंग कार्यक्रम में नए राजा फिलिप ने देश की तीनों आधिकारिक भाषाओं को डच, फ्रेंच और जर्मन में शपथ ली.

हालांकि कुछ लोग न सिर्फ इस समारोह से दूर रहे बल्कि उन्होंने इसका विरोध भी किया. धुर दक्षिणपंथी अलगाववादी पार्टी व्लामास बेलंग पार्टी ने इस समारोह का बहिष्कार किया. ये पार्टी चाहती है कि डच भाषी इलाके को बेल्जियम से अलग एक नया देश बनाया जाए.

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