बो शिलाई के ख़िलाफ़ आरोप तय

शिलाई
Image caption बो को मार्च 2012 को पद से हटा दिया गया था.

चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक़ कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व नेता बो शिलाई पर रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है.

अभियोजकों ने पार्टी की चोंगकिंग इकाई के पूर्व प्रमुख बो पर गुरुवार को शांडोंग प्रांत के जिनान में आरोप तय किए.

ब्रितानी कारोबारी नील हेवुड हत्याकांड में पत्नी गू काईलाई की भूमिका के चलते बो को पार्टी से निकाल दिया गया था.

हत्याकांड की पड़ताल के दौरान लीपापोती के आरोपों में बो के पूर्व सहायक और प्रांतीय पुलिस प्रमुख वांग लिजुन को भी सज़ा हो चुकी है.

चीन की राजनीति को हिलाकर रख देने वाले इस मामले ने कम्युनिस्ट पार्टी में शीर्ष स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार और गुटबाज़ी को उजागर किया था.

आरोप पत्र

सरकारी संवाद एजेंसी शिन्हुआ ने आरोप पत्र के हवाले से कहा कि बो ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भारी रिश्वत ली थी और संपत्ति जुटाई थी. साथ ही उन पर सरकारी पैसे के गबन का भी आरोप है.

शंघाई में मौजूद बीबीसी के जॉन सडवर्थ के मुताबिक़ बो के ख़िलाफ़ मुकदमा शुरू करने के लिए कोई तारीख निर्धारित नहीं की गई है लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन पर जिनान में उसी अदालत में मुकदमा चल सकता है जहां आरोप पत्र दाखिल किया गया है.

बो को कम्युनिस्ट पार्टी में तेज़ी से उभरते नेता और एक शक्तिशाली नेता माना जा रहा था.

फरवरी 2012 में बो के पूर्व सुरक्षा प्रमुख वांग लुजिन चेंगदू में अमरीकी वाणिज्य दूतावास में शरण ली थी. वांग ने हेवुड की हत्या के मामले में आरोप लगाए थे.

हेवुड की 2011 में चोंगकिंग में मौत हो गई थी. लेकिन वांग के खुलासे के बाद हेवुड की मौत की जांच हुई थी.

संदेह

Image caption हेवुड चीन में निवेश की इच्छुक विदेशी कंपनियों के लिए सलाहकार का काम करते थे.

बो पर शक था कि वो मामले को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया.

उनकी पत्नी काईलाई को हेवुड की हत्या के जुर्म में मौत की सज़ा सुनाई गई है जिस पर बाद में अमल होगा. चीन में अक्सर इस सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया जाता है.

वांग को सत्ता के दुरुपयोग और रिश्वतखोरी के आरोप में 15 साल जेल की सज़ा सुनाई गई है.

चोंगकिंग में कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख के तौर पर बो बेहद लोकप्रिय थे. उन्हें अपराध पर लगाम लगाने और पार्टी में पुराने मूल्यों को बढ़ाने के लिए जाना जाता है.

लेकिन इस करिश्मे के बावजूद सुर्खियों में रहने की उनकी आदत उन्हें देश के दूसरे राजनेताओं से अलग करती है.

विश्लेषकों के मुताबिक़ बो की महत्वाकांक्षा और तेज़तर्रार शैली ने पार्टी में उनके दुश्मन बनाए. पार्टी के नेता उन्हें विवादास्पद मानते थे.

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