राष्ट्रपति के अपमान को मिली कानूनी मान्यता

Image caption पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी पर अपमानजनक टिप्पणी के लिए 2008 में एक व्यक्ति पर 30 यूरो का जुर्माना लगाया गया था.

फ्रांस में अब राष्ट्रपति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी को कानूनी मान्यता मिल गई है.

अभिव्यक्ति की आजादी के पक्ष में फ्रांस की संसद गुरुवार को 1881 के कानून में संशोधन करने पर सहमत हो गई है.

इससे पहले अगर कोई राष्ट्रपति का अपमान करने की कोशिश करता था, तो उस पर जुर्माना लग सकता था.

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी का अपमान करने के लिए एक व्यक्ति पर जुर्माना लगाया गया था. इस पर यूरोपीय मानवाधिकार अदालत ने मार्च में फैसला दिया था कि फ्रांस में अभिव्यक्ति की आज़ादी का उल्लंघन हुआ है.

सरकोजी को जिस गाली से सम्बोधित किया गया था वह “गेट लॉस्ट” (भाड़ में जाओ) का अशिष्ट संस्करण था. इस शब्द का इस्तेमाल सरकोजी ख़ुद कई बार कर चुके हैं.

यूरोपीय अदालत ने कहा था कि उस व्यक्ति का दोषी पाया जाना और उस पर 30 यूरो का जुर्माना “अनुचित” था.

कानून में बदलाव के बाद राष्ट्रपति को साबित करना होगा कि उसकी बदनामी या मानहानि हुई है.

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