अमरीका ने लाहौर से राजनयिक वापस बुलाए

अमरीका ने पाकिस्तान के लाहौर स्थित अपने वाणिज्य दूतावास के गैर ज़रूरी सरकारी कर्मचारियों को वहां से चले जाने को कहा है.

विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वाणिज्य दूतावास को ‘खतरे की विश्वसनीय सूचना’ मिलने के बाद ये कदम उठाया गया है.

अधिकारी ने कहा कि लाहौर में रह रहे अमरीकी नागरिकों को देश में अन्यत्र जाने से परहेज़ करना चाहिए.

इससे पहले अमरीका ने गुरुवार को अपने नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी परामर्श जारी करते हुए उन्हें पाकिस्तान नहीं जाने की सलाह दी थी.

अधिकारी ने कहा, “हमें लाहौर में अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर हमले की विश्वसनीय सूचना मिली है. इसी के मद्देनज़र हमने ये कदम उठाया है.”

उन्होंने साथ ही कहा कि यात्रा संबंधी परामर्श को भी अपडेट किया गया है. इसमें कहा गया है कि लाहौर में रह रहे अमरीकी नागरिकों को देश में दूसरी जगह जाने से बचना चाहिए, उन्हें सावधान रहना चाहिए और खुद अपनी आपात योजना बनानी चाहिए.

परामर्श

समाचार एजेंसी एपी ने दो अमरीकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि एहतियात के तौर पर लाहौर में वाणिज्य दूतावास को खाली कराया गया है और इसका दूसरे राजनयिक मिशनों को बंद कराए जाने से कोई लेनादेना नहीं है.

इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी के चार्ल्स हैविलैंड के मुताबिक़ पाकिस्तानी राजधानी में खासतौर पर प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

हैविलैंड का कहना है कि ब्रिटेन ने भी पाकिस्तान में अपने नागरिकों को यात्रा संबंधी चेतावनी जारी की है लेकिन ये खास स्थानों के लिए है जिनमें लाहौर और इस्लामाबाद शामिल नहीं है.

अमरीका ने चरमपंथी हमले की आशंका को देखते हुए मध्यपूर्व और एशिया में अपने 19 राजनयिक मिशनों को इस सप्ताह बंद रखा है.

पिछले साल लीबियाई शहर बेनगाज़ी के अमरीकी दूतावास पर हुए हमले में अमरीकी राजदूत क्रिस्टोफ़र स्टीवन्स और तीन अन्य दूतावास कर्मचारियों की मौत हो गई थी.

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