स्नोडेन प्रकरण में अमरीकी ईमेल सेवा बंद

  • 9 अगस्त 2013
Image caption एडवर्ड स्नोडेन को रूस ने एक साल के लिए शरण दी है.

गुप्त संदेशों वाली एक ईमेल सेवा को बिना किसी सूचना के अचानक बंद कर दिया गया है. माना जा रहा है कि अमरीकी खूफिया सूचनाओं को लीक करने वाले एडवर्ड स्नोडेन ने इन सेवाओं का उपयोग किया था.

टेक्सास स्थित लावाबिट सर्विस के मालिक लादार लेवीसन ने कहा है कि कानूनी बाध्यताओं के चलते वह ईमेल सेवा बंद करने के अपने निर्णय की वजह नहीं बता सकते हैं.

उन्होंने साथ ही कहा कि वह “अमरीकी लोगों के प्रति अपराध” में शामिल होने के बजाए वह अपने कारोबार को बंद करना पसंद करेंगे.

संवाददाता ने बताया कि ऐसा लगता है कि लावाबिट अपने ग्राहकों का विवरण देने के मसले पर अमरीकी अधिकारियों के साथ कानूनी लड़ाई में उलझा हुआ था.

अमरीकी खूफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व खूफिया कॉन्ट्रैक्टर स्नोडेन ने मीडिया के सामने अमरीकी निगरानी कार्यक्रम से संबंधित सूचनाओं को लीक करने की बात स्वीकार की थी.

इसके बाद वह अमरीका से भाग गए और स्नोडेन पर जासूसी का मुकदमा चल रहा है. उन्हें रूस ने अस्थाई रूप से शरण दी है.

निशाने पर लावाबिट

जानकारों का मानना है कि लावाबिट इस खबर के बाद निशाने पर आ गया, कि स्नोडेन ने मास्को के हवाई अड्डे पर रुकने के दौरान उसकी सेवाएँ ली थीं.

लेवीसन ने लावाबिट वेबसाइट पर अपने एक पत्र में कहा है, “मुझ पर एक कठिन निर्णय लेने के लिए दबाव बनाया गया: अमरीकी लोगों के खिलाफ अपराध में शामिल होने या करीब दस साल की मेहनत से किनारा करते हुए लावाबिट को बंद करने के किए.”

उन्होंने कहा कि उन्होंने “परिचालन को स्थगित” करने का फैसला किया लेकिन लेवीसन ने पिछले छह सप्ताह के घटनाक्रम के बारे में चर्चा करने से इनकार कर दिया, जिसके चलते उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा.

Image caption स्नोडेन पर अमरीका में जासूसी का मुकदमा चल रहा है.

उन्होंने लिखा है, “इस अनुभव ने मुझे एक महत्वपूर्ण सबक सिखाया है: मैं जोर देकर कहता हूँ कि कांग्रेस के समर्थन या मजबूत न्यायिक नज़ीरों के बगैर ऐसी किसी कंपनी के पास आपका कोई भी डाटा सुरक्षित नहीं है, जिसका अमेरिका के साथ भौतिक गठजोड़ है.”

अमरीकी न्याय विभाग ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

रूस में शरण

स्नोडेन करीब एक महीने से मास्को हवाई अड्डे के पारगमन क्षेत्र में थे क्योंकि अमेरीका के दबाव में दूसरे देशों ने उन्हें शरण देने से इनकार कर दिया था.

रूस की सरकार ने उन्हें एक साल के लिए शरण देने का फैसला किया, जिसके बाद उन्होंने एक अगस्त को हवाई अड्डा छोड़ दिया.

मास्को के इस फैसले के चलते अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी बैठक को टाल दिया.

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