जब चॉकलेट की लड़ाई में हुआ केक से हमला

  • 10 अगस्त 2013
रोशेन कॉरपोरेशन के चॉकलेट्स की एक दुकान

यह अपने तरह की अनोखी कोराबारी लड़ाई है जिसमें कुछ सियासी रंग भी देखे जा सकते हैं.

दरअसल यह मामला यूक्रेन की राजधानी कीव का है जहाँ रूस में यूक्रेन से निर्यात होने वाले चॉकलेट्स पर लगी रोक के बाद कुछ कुछ नकाबपोश कार्यकर्ताओं ने एक रूसी बैंक की शाखा पर केक फेंके.

रूस के स्वास्थ्य महकमे ने देश में रोशेन कॉरपोरेशन के चॉकलेट्स के आयात पर यह कहते हुए रोक लगा दी है कि उसके उत्पाद सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते.

चॉकलेट नहीं काला सोना

रोशेन कॉरपोरेशन यूक्रेन का सबसे बड़ी चॉकलेट निर्माता कंपनी है.

हालांकि ऐसी खबरें हैं कि रूस के सार्वजनिक स्वास्थ्य महकमे के प्रमुख ने इस "चॉकलेट युद्ध" के राजनीतिक होने की बात से इन्कार किया है.

लेकिन यूक्रेन की धुर दक्षिणपंथी सियासी जमात ब्रैतस्तवो या ब्रदरहुड धड़े को रूस का यह फैसला रास नहीं आया.

कनाल उक्रन्या ने सेविंग बैंक ऑफ रूस की कीव शाखा पर केक फेंकते हुए प्रदर्शनकारियों की वीडियो रिकॉर्ड की.

इस बीच ब्रैतस्तवो ने बदले की कार्रवाई में रूसी बैंक की शाखाओं को बंद करने की माँग की है.

असहज रिश्ते

Image caption सेविंग्स बैंक ऑफ रूस की कीव शाखा पर नकाबपोश कार्यकर्ताओं ने केक फेंके.

पड़ोसी देशों ने भी रोशेन कॉरपोरेशन के उत्पादों पर अपनी चिंताएँ जाहिर की हैं. इसके पीछे भी रूस के असर होने की बात कही जा रही है.

लेकिन मोल्डोवा और कजाकिस्तान में विशेषज्ञों ने इसके उत्पादों में कुछ भी खराबी नहीं पाई.

कुछ जानकारों का कहना है कि यूक्रेन के साथ कारोबारी जंग में यह रूस की तरफ से की गई पहली कार्रवाई है.

ऊर्जा आपूर्ति के मु्द्दे पर यूक्रेन के साथ रूस के रिश्ते पहले से ही असहज चल रहे हैं.

चॉकलेट खाने से मुँहासे?

यूक्रेन में रूसी कारों पर लगा आयात शुल्क भी संभवतः रूस की इस कार्रवाई की एक वजह हो सकती है.

पिछले साल रूस ने दूध के विकल्प के तौर पर ताड़ के तेल के इस्तेमाल से जुड़े विवाद के बीच यूक्रेन से निर्यात होने वाली पनीर पर रोक लगा दी थी.

तब यह रोक दो महीने के लिए लगाई गई थी.

हालांकि यूक्रेन ने इस पर दावा किया था कि रूस के किसानों की लामबंदी के कारण उसके पनीर के आयात पर रोक लगाई गई थी.

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