मिस्र: आपातकाल की घोषणा, बारादेई का इस्तीफ़ा

सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद उठता धुंआ.
Image caption सुरक्षा बलों ने काहिरा में मुर्सी समर्थकों को खदेड़ने के लिए कार्रवाई की

मिस्र में राष्ट्रपति कार्यालय ने जानकारी दी है कि देश में एक महीने के लिए आपातकाल लगा दिया गया है. इस बीच राजधानी काहिरा में पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थकों पर हुई कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं.

मुस्लिम ब्रदरहुड ने मरने वालों की संख्या सैकड़ों में बताई है, जबकि मिस्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 23 लोगों के मारे जाने की बात कही है. रबा अल अदाविया मस्जिद के निकट मौजूद बीबीसी के एक संवाददाता के मुताबिक़ उन्होंने दो अस्थायी अस्पतालों में कम से कम 50 शवों को ख़ुद गिना है.

अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थक जिन दो जगहों पर प्रदर्शन कर रहे थे, उन्हें सुरक्षा बलों ने ख़ाली करा लिया है.

सुरक्षा बलों की इस कार्रवाईमें कई लोगों के मारे जाने की ख़बर है. इस हिंसा के बाद आंतरिक उपराष्ट्रपति अल-बारादेई ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

देखिए: मिस्र में प्रदर्शन की तस्वीरें

इस दौरान भारी गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं और बुलडोज़रों को प्रदर्शन स्थल की ओर जाते हुए देखा गया.

हेलिकॉप्टर इलाक़े में उड़ान भरते देखे गए. सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े.

राजधानी क़ाहिरा के अलावा अन्य शहरों में भी मुर्सी समर्थकों के प्रदर्शनों की ख़बर है.

बहाली की मांग

प्रदर्शनकारी तीन जुलाई को सेना की ओर से अपदस्थ किए गए मुर्सी को बहाल करने की मांग कर रहे हैं.

आतंरिक मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सुरक्षा बलों ने क़ाहिरा के पूर्व में स्थित रब्बा-अल-अदाविया मस्जिद और पश्चिम में नाहदा चौराहे पर हो रहे प्रदर्शनों के ख़िलाफ़ ज़रूरी क़दम उठाए हैं.

बयान में कहा गया है कि गृह मंत्रालय किसी भी मिस्रवासी का ख़ून नहीं बहाना चाहता है.

मंत्रालय के मुताबिक़ क़ाहिरा विश्वविद्यालय के पास स्थित नाहदा चौक को प्रदर्शनकारियों से पूरी तरह ख़ाली करा लिया गया है.

प्रदर्शन स्थलों को ख़ाली कराए जाने के अभियान के दौरान शहर का आसमान धुंए से भरा हुआ था.

उधर देश के दूसरे सबसे बड़े शहर सिंकदरिया में मुख्य रास्तों को रोक दिया है.

दक्षिणी मिस्र के अस्वान शहर में सैकड़ों लोगों के गवर्नर कार्यालय के बाहर जमा होने की ख़बर है. स्वेज़ और केना प्रांतों में भी प्रदर्शन हो रहे हैं.

अधिकारियों ने राजधानी क़ाहिरा से जाने और वहां आने वाली रेलगाड़ियों को रोक देने के आदेश दिए हैं.

मृतकों की संख्या

अपदस्थ राष्ट्रपति का समर्थन करने वाली मुस्लिम ब्रदरहुड ने मरने वालों की संख्या 25 से 30 के बीच बताई है.

अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों में सुरक्षा बलों का एक जवान भी शामिल है.

मुस्लिम ब्रदरहुड टीवी ने लोगों से घायलों को अस्पताल पहुँचाने के लिए अपनी कारें भेजने की अपील की है.

रब्बा-अल-अदाविया मस्जिद और नाहदा चौराहे पर प्रदर्शनकारी मोहम्मद मुर्सी को अपदस्थ किए जाने के बाद से ही डेरा जमाए हुए थे. उस समय से अबतक सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं.

मंगलवार को मुर्सी समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई झड़पों में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.

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