क्या टेलीपैथी से किसी की मौत हो सकती है?

  • 15 अगस्त 2013
मानसिक तरंगें

पहली बार में इस खबर पर यकीन करना किसी के लिए भी मुश्किल हो सकता है लेकिन तुर्की में इस अजीबोगरीब वाकये में कुछ लोगों की मौत की वजह टेलीपैथी बताई जा रही है.

दरअसल तुर्की में चार इंजीनियरों की मौत के बाद यह कहा गया है कि मारे गए लोगों पर आत्महत्या करने के लिए शायद टेलीपैथी के जरिए दबाव डाला गया था.

किसी का मन पढ़ने की कला

रक्षा उत्पाद बनाने वाली बड़ी कंपनी एसेलसान ने अपने चार कर्मचारियों की मौत के सिलसिले में प्रधानमंत्री रिसेप तैयप एर्दोआन को एक रिपोर्ट सौंपी है. खबरों के मुताबिक उनमें एक कारण टेलीपैथी को भी बताया गया है.

साल 2006 से 2007 के दरम्यां 14 महीनों के अंतराल में हुई मौत के इन मामलों को शुरुआत में खुदकुशी के तौर पर दर्ज किया गया था.

समाचार पत्र टुडेज ज़मान की खबर में कहा गया है कि मरने से पहले ये लोग अपना मनौवैज्ञानिक इलाज करा रहे थे और इनके परिवार वालों ने इनकी मृत्यु के कारणों को लेकर शंका जाहिर की है.

तनाव और सिरदर्द

इसके बाद पिछले साल प्रधानमंत्री कार्यालय के जाँच महकमे ने नए सिरे से मामले की जाँच शुरू की.

हुर्रियत डेली न्यूज़ की खबर में कहा गया है कि इस जाँच रिपोर्ट में न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट नेवज़ात तरहान के एक अध्ययन को भी शामिल किया गया है. उन्होंने अभियोजकों से टेलीपैथी की संभावना से इनकार न करने की बात कही है.

उनके मुताबिक टेलीपैथी के जरिए किसी व्यक्ति में गहरा तनाव और सिरदर्द की समस्या पैदा की जा सकती है और इससे पीड़ित में खुदकुशी करने की भावना पनप सकती है.

हुर्रियत डेली न्यूज़ नेवज़ात तहरान के हवाले से लिखता है कि मानसिक तरंगें तकरीबन डेढ़ किलोमीटर की दूरी से भेजी जा सकती हैं.

इन मामलों की जाँच रिपोर्ट में इस बात को लेकर साफ तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है कि ये मौतें कत्ल की वजह से हुई थीं या खुदकुशी से.

लेकिन अंकारा के मुख्य अभियोजन कार्यालय को सौंपी गई इस जाँच रिपोर्ट में आगे की तफ्तीश की बात कही गई है.

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