मिस्र: साइनाई प्रायद्वीप में 24 पुलिसकर्मियों की हत्या

Image caption साइनाई प्रायद्वीप में इसराइल और मिस्र के बीच 1979 की शांति संधि के बाद से सेना तैनात है.

मिस्र के सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि साइनाई प्रायद्वीप में घात लगाकर किए गए हमले में 24 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है.

स्वास्थ्य सेवा से जुड़े सूत्रों और अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बल दो बसों में गज़ा सीमा के पास रफ़ा कस्बे से गुज़र रहा था, तभी हथियारों से लैस लोगों ने उन पर हमला बोल दिया.

इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं.

समाचार एजेंसी एपी ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया है कि चार लोगों ने बस को रोका और पुलिसकर्मियों को गोली मारने से पहले बाहर निकलने के लिए मजबूर किया.

लेकिन अन्य सूत्रों के अनुसार, बसों पर रॉकेट लांचर से हमले किए गए.

सबसे ख़तरनाक क्षेत्र

बीबीसी सुरक्षा संवाददाता, फ्रैंक गार्डनर का कहना है कि उत्तरी साइनाई प्रायद्वीप 2011 के बाद से सबसे ख़तरनाक क्षेत्र हो गया है. यह क्षेत्र स्थानीय बद्दू तस्करों और आपराधिक गैंगों का अड्डा है, जिनके तार गज़ा क्षेत्र के चरमपंथियों से जुड़े हैं.

अपहरण, बंदूकों और विस्फोटकों की तस्करी और मिस्र के सुरक्षा बलों पर हमले में 2011 में होस्नी मुबारक के शासन की समाप्ति के बाद से हिंसा में वृद्धि हो गई है. साइनाई प्रायद्वीप में 1973 में इसराइल के साथ हुए शांति समझौते के तहत योम किप्पूर युद्ध के बाद से अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक बल की तैनाती की गई ताकि इस क्षेत्र में शांति बनी रहे.

लेकिन इसके बावजूद पर्यवेक्षक बल साइनाई प्रायद्वीप में क़ानून का शासन बहाल करने में असफल रहे हैं. इस प्रायद्वीप के दक्षिण में स्थित शर्म अल शेख का पर्यटन स्थल अरब क्षेत्र में हिंसा की बढ़ोत्तरी के बाद भी अप्रभावित है.

अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि " हिंसा में बढ़ोत्तरी का सीधा संबंध काहिरा और मिस्र के प्रमुख शहरों में होने वाली घटनाओं से है,क्योंकि अभी तक किसी ने इसी ज़िम्मेदारी नहीं ली है."

यूरोपीय संघ की चिंता

मिस्र में जारी हिंसा में बुद्धवार से अब तक 70 पुलिसकर्मियों सहित 830 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. राजधानी काहिर में अब भी रात का कर्फ़्यू जारी है.

मिस्र की स्थिति को लेकर ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के राजदूतों की बैठक हो रही है. जिसमें यूरोपीय संघ के अध्यक्ष हरमन वॉन रॉम्पुई ने कहा कि आने वाले दिनों में यूरोपीय संघ मिस्र के साथ अपने रिश्तों की समीक्षा करेगा.

उन्होनें एक संयुक्त बयान में मिस्र में शांति बहाली के प्रयासों में अतंरराष्ट्रीय प्रयासों की अनदेखी पर अफ़सोस ज़ाहिर किया और कहा कि "मिस्र में लोकतंत्र की बहाली और आधारभूत स्वतंत्रता की अनदेखी नहीं की जा सकती, इसे ख़ून में बहने नहीं दिया जाएगा."

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