फ़ुकुशिमा संयंत्र में रेडियोधर्मी जल का रिसाव

फ़ुकुशिमा परमाणु संयत्र
Image caption 2011 में सुनामी और भूकंप में फ़ुकुशिमा परमाणु संयत्र काफी क्षतिग्रस्त हो गया था.

जापान के फ़ुकुशिमा परमाणु संयत्र के संचालक के अनुसार इस संयंत्र के स्टोरेज टैंक से 300 टन रेडियोधर्मी जल का रिसाव हुआ है.

टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (टेप्को) के अनुसार सोमवार को 300 टन उच्च रेडियोधर्मी जल के रिसाव का पता चला है.

जापान की क्योडो न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि संक्रमित जल 100 मिलीसीवर्ट्स प्रति घंटे की दर से रिस रहा है.

जापानी अधिकारियों के अनुसार इंटरनेशनल न्यूक्लियर एंड रेडियोलाजिकल इवेंट स्केल (आईएनईएस) के मानक के अनुसार यह रिसाव अभी सबसे प्राथमिक स्तर पर है. आईएनईएस न्यूक्लियर संयंत्रों में हुई दुर्घटनाओं का मूल्यांकन करती है.

सुनामी और भूकंप के बाद

Image caption फ़ुकुशिमा परमाणु संयत्र में हो रहे रेडियोधर्मी जल का रिसाव एक दिन में पांच साल के बराबर रेडियोधर्मिता उत्पन्न कर रहा है.

यह संयत्र 2011 के सुनामी और भूकंप में क्षतिग्रस्त हो गया था. उसके बाद से ही इस संयंत्र में विभिन्न प्रकार की समस्याएं आ रही हैं.

सुनामी ने इस संयंत्र के कूलिंग सिस्टम को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया था. इसके तीन कूलिंग सिस्टम पूरी तरह पिघल गए थे.

हालांकि 2011 की सुनामी और भूकंप के बाद यह पहली दुर्घटना है जिसके बारे में जापान ने दुनिया को सूचित किया है.

टेप्को के महाप्रबंधक मसायुकी उनो ने समाचार एजेंसी रॉयटर को बताया, “परमाणु संयंत्र में पांच साल में जितनी रेडियोधर्मिता एकत्रित होने का अनुमान होता है वह इस 100 मिलीसीवर्ट्स प्रति घंटे की दर से हुए रिसाव से एक घंटे के रिसाव के बराबर है. यानी हम कह सकते हैं कि इस समय हर घंटे रेडियोधर्मिता की इतनी मात्रा उत्सर्जित हो रही है जितनी की एक कर्मचारी पांच साल में सहता है.”

ज़्यादा निगरानी

टेप्को के अधिकारियों ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि इस टैंक से रिसाव संभवतः उसकी कंक्रीट की दीवार के ज़रिए हुआ है.

Image caption अधिकारियों के अनुसार इस संयंत्र के बाहर रेडियोधर्मिता के स्तर में किसी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं पाई गई है.

संयंत्र के कर्मचारी रिसाव वाले कीचड़ और टैंक में बचे हुए जल को बाहर निकाल कर दूसरे टैंक में डाल रहे हैं.

सुनामी में कूलिंग सिस्टम के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद रिएक्यर में पानी का छिड़काव किया जाता रहा है.

टेप्को के अधिकारी ने बताया कि संक्रमित जल को एकत्रित करने के लिए सैकड़ों टैंक बनाए गए थे.

2012 से ही इनमें से कुछ टैंक में इसी तरह के रिसाव की ख़बर आती रही है लेकिन इस स्तर का रिसाव पहली बार हुआ है.

जापान के एक नियामक अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि टेप्को को संक्रमित मिट्टी को हटाने और आसापास के पर्यावरण के नियमन की निगरानी करते रहने के लिए कहा गया है.

इस अधिकारी ने बताया कि परमाणु संयंत्र के बाहर रेडियोधर्मिता के स्तर में किसी भी तरह की वृद्धि नहीं पाई गई है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार