बो शिलाई के खिलाफ़ मुकदमा दूसरे दिन भी जारी

बो शिलाई, चीन

चीन के प्रमुख नेता रहे बो शिलाई के ख़िलाफ़ रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के लिए चल रहे मुकदमे की सुनवाई दूसरे दिन भी जारी है.

गुरुवार को अदालत में कार्यवाही शुरू होने पर बो शिलाई ने न्यायाधीश से कहा, "मुझे उम्मीद है कि न्यायाधीश इस मुकदमे की सुनवाई देश के कानून के अनुरूप न्यायपूर्ण और ईमानदार तरीके से करेंगे."

बो के इस कथन के जवाब में न्यायाधीश ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा, "हम आपकी इच्छा को समझ रहे हैं. अदालत स्वतंत्र रूप से काम करेगी और देश के कानून के अनुरूप न्यायिक प्रक्रिया का पालन करेगी."

अदालत में बो शिलाई ने व्यवसायियों से घूस लेने के आरोप से इनकार किया. उन्होंने अदालत से कहा कि उन्हें अपना अपराध स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया.

बो शिलाई ने उनके ख़िलाफ़ गवाही देने वालों को भी बकवास बताया. इन गवाहों में बो की पत्नी गू काईलाई भी शामिल हैं.

गू काईलाई को पहले ही ब्रितानी व्यवसायिक सलाहकार नील हेवुड की हत्या के आरोप में सजा मिल चुकी है.

शैनडांग प्रांत के जिनान शहर में बो के ख़िलाफ़ चल रहे इस मुकदमे की कार्यवाही में विदेशी मीडिया को शामिल नहीं होने दिया गया.

जिनान की इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट स्वयं इस मुकदमे से जुड़ी ताजा जानकारियों और प्रासंगिक बयानों को अपने आधिकारिक माइक्रोब्लॉग पर प्रस्तुत कर रहा है.

राजनीतिक पटकथा

Image caption बो शिलाई को कम्युनिस्ट पार्टी में तेज़ी से उभर रहा शक्तिशाली नेता माना जाता था.

बीजिंग में मौजूद बीबीसी संवाददाता सेलिया हैटन के अनुसार यह स्पष्ट नहीं है कि गुरुवार को चली कार्यवाही पहले से लिखे हुए राजनीतिक नाटक का अंग है या फिर एक अनपेक्षित बहुरंगी अदालती कार्यवाही.

विश्लेषकों का मानना है कि यह मुकदमा किसी अपराधिक मामले की सुनवाई से ज्यादा एक लोकप्रिय नेता से छुटकारा पाने से जुड़ा है. ज्यादातर लोग मान रहे हैं कि बो को अपराधी ठहराया जाएगा.

नॉटिंघम विश्वविद्यालय में प्रोफेसर स्टीव सैंग कहते हैं, "इस मुकदमे का फैसला पहले से तय नहीं है तो यह कल्पना से बाहर की चीज है. बो शिलाई जैसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के मुकदमे का भविष्य न्यायधीशों पर नहीं छोड़ा जा सकता. पोलितब्यूरो स्टैडिंग कमेटी में हुई गंभीर चर्चा के बाद ही इसका नतीजा तय किया गया होगा."

'सार्वजनिक संपत्ति का गबन'

Image caption 64 वर्षीय बो पार्टी की चोंगकिंग इकाई के प्रमुख थे

चीन के प्रमुख नेता बो शिलाई के खिलाफ़ जिनान शहर की अदालत में गुरुवार को मुकदमा शुरू हुआ.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार उन पर रिश्वत के रूप में बहुत बड़ी धनराशि लेने और संपत्ति बनाने के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति के गबन का आरोप है.

पिछले 18 महीनों से सार्वजनिक जीवन से अनुपस्थित बो शिलाई को कम्युनिस्ट पार्टी में तेज़ी से उभर रहा शक्तिशाली नेता माना जाता था. 64 वर्षीय बो पार्टी की चोंगकिंग इकाई के प्रमुख थे.

बो शिलाई को चीन की पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी में शामिल किए जा सकने वाले संभावित उम्मीदवारों में गिना जाता था. सात सदस्यों वाली यह कमेटी चीन की सबसे ताकवर राजनीतिक संस्था है.

बो की पत्नी गू काईलाई को ब्रितानी व्यवसायिक सलाहकार नील हेवुड की हत्या के आरोप में सजा मिल चुकी है.

फरवरी 2012 में सामने आए हेवुड हत्याकांड मामले में बो की पत्नी गू काईलाई की भूमिका के चलते बो को पार्टी से निकाल दिया गया था.

हत्याकांड की पड़ताल के दौरान लीपापोती के आरोपों में बो के पूर्व सहायक और प्रांतीय पुलिस प्रमुख वांग लिजुन को भी सज़ा हो चुकी है.

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