इंटरनेट से आप कितना पैसा कमा सकते हैं?

इंटरनेट, पैसा

क्राउडवर्किंग यानी दुनिया में अलग-अलग हिस्सों में फैले लोगों से काम कराना तेज़ी से बढ़ता जा रहा है.

कंपनियां दुनिया भर में घर पर बैठे लोगों से इंटरनेट पर बड़े-बड़े काम करा सकती हैं.

सवाल ये है कि आप अपने कम्प्यूटर से कितने पैसे कमा सकते हैं?

मैंने कुछ वेबसाइट पर साइन अप कर इंटरनेट पर छोटे-मोटे काम आज़माने का फ़ैसला किया.

मैंने दो नियम तय किए. जो भी रकम मिलेगी वो परोपकार में जाएगी और मैं ऐसा कोई काम नहीं करूंगी जो मैं दिन में टेलीविज़न पर करते हुए खुश नहीं होती.

बीबीसी की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने सोशल मीडिया नेटवर्क को चेतावनी दी कि मैं एक प्रयोग कर रही हूं और उन्हें कुछ अजीब स्टेटस अपडेट के लिए तैयार रहना चाहिए.

पहला दिन: सर्वे और वीडियो

Image caption इनबॉक्स पाउंड्स जैसी वेबसाइट सर्वे करने पर पैसे देती हैं.

पहली थी इनबॉक्स पाउंड्स, एक ऐसी वेबसाइट जो अचानक क्लिक करने वालों को कुछ सर्वे और छोटे-मोटे काम करने को कहती है.

मुझे साइन अप करने के लिए एक पाउंड (करीब 105 रुपए) का बोनस मिला.

एक विज्ञापन के बारे में 15 मिनट के एक सर्वे का जवाब देने पर मुझे 25 पेंस (25 रुपए) मिले.

मैंने एक पेंस में एक वीडियो देखा और एक ख़ास ब्रांड के मोबाइल फ़ोन को फ़ेसबुक पर एक पेंस में 'लाइक' किया.

बिल्कुल सही पढ़ा आपने, मुझे 'लाइक' करने के लिए रकम मिली.

बड़ा लुभावना लग रहा है लेकिन तब तक पैसे हाथ में नहीं आएंगे जब तक 20 पाउंड (2000 रुपए) नहीं कमा लेती.

कुल कमाई - तीन दशमलव शून्य छह पाउंड (करीब 320 रुपए)

दूसरा दिन: गेम

स्वागबक्स नाम की वेबसाइट छोटे-मोटे काम करने के बदले पॉइंट देती है, ये पॉइंट आखिर में रकम में बदल जाएंगे और इन्हें पेपल या वाउचर के ज़रिए दिया जाएगा.

मैंने कुछ वीडियो देखे, गेम खेले और कुछ रकम कमाई - हालांकि ये बहुत कम थी.

एक दिन गेम खेलने और वीडियो देखने से मुझे 102 स्वागबक्स मिले - जो करीब 50 पेंस (50 रुपए) बैठते थे.

बड़ा भुगतान तब मिलेगा जब पांच पाउंड कमा लूं.

कुल कमाई - आधा पाउंड

तीसरा दिन: ट्रांसक्रिप्शऩ

Image caption क्लिकवर्कर पर रचनात्मक लेखन का काम मिलता है.

अगली वेबसाइट थी कास्टिंगवर्ड्स

मैं उन लोगों के साथ जुड़ गई जो ऑडियो सुनते हैं और उन शब्दों को टाइप करते हैं.

तेज़ी से टाइप करने वालों को आसान लग सकता है इसलिए मैंने ग़लत फ़ैसला लिया और ट्रांसक्रिप्शन यानी सुनकर टाइप करने की चुनौती को लपक लिया.

ये आसान नहीं था - एक काम निपटाने में मुझे एक घंटा लग गया और मुझे जितना मिलना था उसमें से भी काफ़ी रकम उनके मानकों पर खरी न उतरने की वजह से काट ली गई.

मुझसे ये काम छीन लिया गया और अब मैं सिर्फ़ दूसरे लोगों के काम की समीक्षा कर सकती थी जब तक कि मेरा स्कोर सुधर नहीं जाता.

बड़ा भुगतान तब होता जब मैं एक डॉलर कमा लूं.

कुल कमाई - 37 पेंस (करीब 37 रुपए)

चौथा दिन: माइक्रोवर्किंग

अमेज़न की मेकैनिकल तुर्क जैसी माइक्रोवर्किंग साइट मानवीय समझ के कामों (हिट्स) के लिए भुगतान करती हैं.

ये काम रचनात्मक लेखन, कोडिंग या और कुछ हो सकता है.

दुख की बात थी कि मेरा रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं हुआ.

अमेज़न ने कहा: "मेकैनिकल तुर्क सिर्फ़ आमंत्रण पर रजिस्ट्रेशन के आधार पर काम करती है. काम करने वालों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा जाता है और ईमेल से मिलने वाले आमंत्रण के आधार पर रजिस्ट्रेशन पूरा होता है."

मैंने एक वेबसाइट क्लिकवर्कर पर साइन अप कर लिया.

पहले मैंने एक इंग्लिश टेस्ट पास किया और फिर रचनात्मक लेखन का एक टेस्ट.

100 फीसदी स्कोर करने की वजह से मुझे मोटा काम मिला.

जर्मन भाषा से अनूदित सामग्री के आधार पर मुझे टेनिस के लिए पहने जाने वाले कपड़ों की मेल ऑर्डर कैटेलॉग एंट्री तैयार करनी थी.

ये तुलनात्मक रूप से लुभावना काम था. मुझे 100 से कुछ ज़्यादा शब्द के लिए एक दशमलव शून्य पांच पाउंड मिलते, हालांकि आप उस व्यक्ति की दया पर हैं जिसने आपको ये काम दिया.

अगर वो ख़ुश नहीं हुए तो आप को कुछ नहीं मिलेगा.

मेरे साथ ऐसा तीन बार हुआ.

भुगतान हर हफ़्ते होना था.

कुल कमाई - चार दशमलव नौ पांच पाउंड (करीब 500 रुपए)

पांचवां दिन: रचनात्मक छोटे-मोटे काम

आखिर मैंने फीवर वेबसाइट पर काम शुरू किया, इस वेबसाइट पर लोग "गिग्स" यानी कला के सीधे प्रदर्शन के तौर पर सेवाओं का विज्ञापन देते हैं.

कुछ सेवाएं वाकई रहस्यमय हैं, उदाहरण के लिए एक तरबूज में कुछ ढूंढने या एक चिकन की तस्वीर बनाने के लिए पांच डॉलर.

इससे उत्साहित हो कर मैंने अपनी संगीत और लेखन की क्षमता का इस्तेमाल किया.

मेरे एक फेसबुक दोस्त ने एक असंभव चीज़ के लिए मुझसे माइल्स-डेविल्स की तरह की पियानो थीम के लिए कहा.

हालांकि इन कामों में थोड़ा ज़्यादा वक्त लगा लेकिन ये मज़ेदार थे.

काम तो निपट गए लेकिन फीवर वेबसाइट 20 फीसदी रकम काट लेती है.

मुझे सिर्फ़ दो दशमलव पांच सात पाउंड यानी करीब 270 रुपये ही मिले.

कुल कमाई - 10.28 पाउंड (करीब 1040 रुपए)

नतीजा

कुल कमाई - 19.16 पाउंड (करीब 1950 रुपए)

कुल 37 घंटे काम किया.

साफ़ है उतने पैसे नहीं जितने पैसों की मुझे उम्मीद थी.

ज़्यादातर समय इस बात का पता लगाने में बीत गया कि कौन सी वेबसाइट कितनी रकम देती है.

टच टाइपिंग, तेज़ी से रचनात्मक लेखन या कुछ अनूठा करने पर कम समय में ज़्यादा पैसे कमाने का मौका मिला.

हां, इस तरह से काम करने में पैसे तो हैं लेकिन मुझे लगता है कि जो काम अभी मैं कर रही हूं वो कुछ ज़्यादा समय तक करूंगी.

इस तरह जो पैसे मिले वो बीबीसी के चिल्ड्रन इन नीड अपील को जाएंगे.

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