अमरीका-रूस समझौते का ओबामा ने किया स्वागत

बराक ओबामा

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमरीका और रूस के बीच हुए समझौते का स्वागत किया है.

इस समझौते के तहत सीरिया के रासायनिक हथियारों को अगले साल की छमाही तक नष्ट किए जाने की योजना है जिसे बेहद अहम क़दम माना जा रहा है.

व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका ने यह उम्मीद की है कि सीरिया जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बरक़रार रखेगा.

अमरीका और रूस सीरिया के रासायनिक हथियारों को हटाने और नष्ट करने पर सहमत हो गए हैं.

स्विट्ज़रलैंड के जेनेवा में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने इसके लिए छह सूत्रीय योजना को मंज़ूर कर लिया.

मगर फ्री सीरियन आर्मी के कमांडर को रूस की भूमिका को लेकर भरोसा नहीं है.

अमरीका और रूस ने सीरिया मुद्दे पर छह सूत्रीय योजना पर एक राय जताई है.

इसके तहत सीरिया को एक हफ्ते के भीतर अपने सभी रासायनिक हथियारों की सूची सौंपनी होगी.

बलपूर्वक कार्रवाई

अगर सीरिया ऐसा करने में नाकाम रहा, तो संयुक्त राष्ट्र बलपूर्वक ऐसा कर सकता है, जिसमें सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी रखा गया है.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी का कहना है, "दुनिया अब असद सरकार से अपना वादा निभाने की उम्मीद कर रही है और जैसा मैंने कहा कि इन समझौतों का नतीजा यही है कि इसमें कोई खेल नहीं हो सकता. इससे किसी भी तरह बचा नहीं जा सकता या असद सरकार अब इसका पालन करने से नहीं चूक सकती."

अमरीका का कहना है कि सीरियाई सरकार ने पिछले दिनों दमिश्क के पास एक रासायनिक हमला किया था जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए.

हालांकि सीरिया की बशर अल असद सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है.

जेनेवा में हुई साझा प्रेस कांफ्रेस में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और जॉन केरी ने सीरिया से समझौते का पालन करने को कहा है.

हालांकि रूसी विदेश मंत्री का कहना है कि इस समझौते में कोई ऐसी बात नहीं है कि अगर सीरिया हथियारों की सूची सौंपने या उन्हें नष्ट करने में सहयोग नहीं देगा तो सैन्य ताक़त का इस्तेमाल किया जाएगा.

लावरोव का कहना था, " अगर ये मांगें लागू नहीं की जातीं या कोई रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करता है तो संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद आर्टिकल-7 के तहत ज़रूरी क़दम उठाएगी. हम हर मामले की जांच पड़ताल करेंगे."

रूस पर भरोसा नहीं

उधर, सीरिया में विद्रोही सेना फ्री सीरियन आर्मी के कमांडर जनरल सलीम इदरीस ने यह समझौता ठुकरा दिया है.

उनका कहना है कि उन्हें मॉस्को या दमिश्क में काम कर रहे लोगों पर भरोसा नहीं है.

सलीम इदरीस ने कहा, "सरकारी हमलों और रासायनिक हथियारों के बारे में हम रूसी प्रस्ताव को मान्यता नहीं देते. हमारा सोचना है कि रूसी और सीरियन सरकार वक़्त बर्बाद करने के लिए हमसे खेल रहे हैं और दमिश्क में आपराधिक सत्ता बनाए रखने का मौका ढूंढ रहे हैं."

सीरिया ने रासायनिक हथियारों को लेकर संयुक्त राष्ट्र की संधि से जुड़े दस्तावेज़ संयुक्त राष्ट्र को भेजे हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में जहरीली गैस के इस्तेमाल का पता चल जाएगा.

इससे पहले अमरीका सीरिया में कथित रासायनिक हमले के बाद वहां सैन्य कार्रवाई की बात करता रहा है.

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