चीन में खास नेताओं के लिए एक खास जेल!

Image caption बो शिलाई को किसी साधारण जेल में नहीं रखा जाएगा.

बो शिलाई कभी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के चमकते हुए सितारा हुआ करते थे. लेकिन अब उनकी छवि दाग़दार हो चुकी है.

ऐसी संभावना है कि उन पर लगे ग़बन, भ्रष्टाचार और सत्ता दुरुपयोग के आरोप साबित होने से जुड़ा फ़ैसला जल्द ही आ जाएगा.

मुमकिन है कि वह जल्द ही उसी सोवियत शैली के बनी जेल में सज़ा काट सकते हैं जहां उनके पिता बॉ यिबॉ को चीन की उग्र सांस्कृतिक क्रांति के दौरान रहना पड़ा था.

बीजिंग की उत्तरी पहाड़ियों पर साल 1958 में किनचेंग जेल बनाया गया था.

सोवियत संघ की पूंजी का इस्तेमाल कर इस जेल को मूलतः चीनी राष्ट्रवादियों को रखने के लिए बनाया गया था जिन्होंने माओ समर्थकों के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ा था.

आज, किनचेंग चीन का एकमात्र "सुख-सुविधाओं से लैस" जेल है जहां राजनीतिक क़ैदियों के साथ सामान्य क़ैदियों की तरह बर्ताव किया जाता है और आला दर्जे के पार्टी नेताओं के साथ काफ़ी उदारता बरती र्ती जाती है.

चीन के एक प्रतिष्ठित दैनिक, बीजिंग न्यूज़ के एक हालिया लेख के मुताबिक़ किनचेंग के रईस क़ैदी दोपहर दो बजे से लेकर रात नौ बजे तक टीवी देख सकते हैं. साथ ही उन्हें हर हफ़्ते छह बार जेल परिसर में अकेले टहलने की इजाज़त भी दी जाती है.

अख़बार के मुताबिक़ पूर्व अधिकारियों को जेल की सामान्य काली वर्दी पहनने के बजाय उनके परिवार द्वारा दिए गए कपड़े पहनने की अनुमति है.

क्यों ख़ास है यह जेल

बो शिलाई के स्तर के क़ैदियों को यहां बेहतर भोजन का लुत्फ़ उठाने का मौक़ा भी मिलेगा है. सामान्य क़ैदियों के मुक़ाबले विशिष्ट वर्ग से ताल्लुक़ रखने वाले क़ैदी नाश्ते में दूध पी सकते हैं.

दोपहर के भोजन और रात के खाने में इन विशिष्ट क़ैदियों को दो चीनी व्यंजन और सूप भी दिया जाता है जिसे कभी-कभी बीजिंग के होटल के शेफ़ तैयार करते हैं. हर भोजन के बाद इन विशिष्ट दर्जे के क़ैदियों को एक सेब दिया जाता है.

किनचेंग से जुड़ी ज़्यादातर जानकारियां पुरानी हैं. चीनी अधिकारी इस तरह की ठोस जानकारी देने में हिचकते हैं कि दोषी ठहराए गए अपराधियों को कहां भेजा जाता है और किनचेंग की तस्वीरें हासिल करना तो बेहद मुश्किल है.

Image caption बो शिलाई पर ग़बन, भ्रष्टाचार और सत्ता दुरुपयोग के आरोप साबित होने की पूरी संभावना है.

हालांकि अभी यह तय नहीं है कि बो किनचेंग जेल में ही जाएंगे. लेकिन कुछ विश्लेषकों का कहना है कि बो का मसला राजनीतिक रुप से इतना संवेदनशील है कि संभवतः उनके लिए विशेष रुप से कोई कारागर तैयार किया जा सकता है जहां सिर्फ़ वही रहेंगे.

बीबीसी ने जिन लोगों का साक्षात्कार लिया उनमें से ज्यादातर लोगों का मानना है कि बो के साथ भी वैसा ही बर्ताव होगा जैसा कि किनचेंग जेल जाने वाले अन्य अधिकारियों के साथ होता है.

बीजिंग के नामी-गिरामी वकील मो शाओपिंग यह अनुमान लगाते हैं, "बो शिलाई को किनचेंग के अलावा कहीं और ले जाया जाएगा इसकी संभावना बिल्कुल भी नहीं है. मंत्री स्तर के सभी अधिकारियों और इससे ऊपर के दर्जे के लोगों को भी यहीं रखा जाता है."

वैसे इस जेल के मशहूर क़ैदियों में माओत्से तुंग की विधवा जियांग चिंग भी शामिल हैं जो साल 1991 में बीमारी की वजह से रिहा होने से पहले यहां एक दशक तक रहीं. रिहा होने के कुछ महीने बाद ही उन्होंने आत्महत्या कर ली थी.

बॉ शिलाई के पिता बो यिबॉ को क्रांति विरोधी घोषित करने के बाद किनचेंग जेल में ही रखा गया. न्यूयॉर्क के एक समूह ह्यूमन राइट्स इन चाइना के मुताबिक़ तियानमेन दौर के कई प्रदर्शनकारी अब भी किनचेंग जेल में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे हैं.

मो का कहना है, "किसी सामान्य जेल के मुक़ाबले यहां ज़िंदगी थोड़ी बेहतर है." उनका कहना है कि यहां क़ैदियों को नहाने की बेहतर सुविधा है और साथ ही उन्हें पुस्तकालय और टीवी देखने की इजाज़त भी है.

चीन के मौजूदा नेता अपनी निजी वजहों से भी इस जेल को बनाए रखना चाहते हैं.

ह्यूमन राइट्स वॉच की वरिष्ठ शोधार्थी निकोलस बेकेलिन का कहना है, "मुक़दमें के दौरान और दोष साबित होने के बाद बो के साथ कैसा बर्ताव किया जाता है, उससे ही यह तय होगा कि इस तरह के मामले आने पर देश के अन्य विशिष्ट नेताओं के साथ भविष्य में किस तरह पेश आया जाएगा. बो शिलाई के प्रति जिसकी जो भी भावनाएं हों लेकिन सभी विशिष्ट लोगों की इसमें दिलचस्पी होगी."

उनका कहना है, "ख़ासतौर पर हिरासत में रखने, स्वास्थ्य सेवाएं देने, जेल के कुछ नियमों से छूट की स्थिति में सामान्य क़ैदियों के मुक़ाबले ऊंचे दर्जे के पूर्व पार्टी सदस्यों के साथ नरमी बर्ती जाती है."

"बो मामले से संबंधित सभी अन्य पहलुओं के मद्देनज़र मानक नियम और प्रक्रियाएं लागू नहीं होंगी. छवि ख़राब होने के बाद भी वह अपने पिता की वजह से पार्टी के परिवार का हिस्सा हैं."

'डरावना और निराशाजनक'

किनचेंग के साधारण क़ैदियों के रहने की जगह उतनी अच्छी नहीं है. 1989 में शुरू होने वाले तियानमेन चौक प्रदर्शन के आयोजक वांग डैन भी 19 महीनों तक किनचेंग जेल में बंद थे. उन्होंने अपने संस्मरण में इस जेल के माहौल को 'डरावना और निराशाजनक' बताया है.

उस जेल के सुरक्षाकर्मियों ने काफ़ी कोशिश की थी की वांग किसी से बात न करें और कोई भी उन्हें तियानमेन छात्र नेता के तौर पर न पहचाने लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

उनका कहना था, "मुझे यह मालूम था कि मैं दोस्तों के साथ ही हूं इसलिए मुझे कभी अकेलापन नहीं लगा. आख़िर में मैंने किनचेंग को एक विश्वविद्यालय के तौर पर देखना शुरू किया जहां मैंने ज़िंदगी के सबक़ सीखे."

Image caption 1989 में तियानमेन चौक पर हुए प्रदर्शन में गिरफ़्तार लोगों को भी किनचेंग जेल में रखा गया है.

हालांकि बो के मामले में यह बात बिल्कुल उलट साबित हो सकती है और उन्हें जेल में दोस्तों से ज़्यादा दुश्मनों का सामना करना पड़ सकता है. वैसे हांगकांग मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ बो के पूर्व सहयोगी वांग लिजुन भी किनचेंग जेल में सज़ा काट रहे हैं.

ऐसा माना जाता है कि बॉ शिलाई के पतन में वांग की भूमिका भी रही और उन्होंने अमरीकी वाणिज्य दूतावास में जाकर बो और उनकी पत्नी गू काईलाई के नील हेवुड की हत्या में शामिल होने की बात कही. कभी अच्छे दोस्त रहे बो शिलाई और वांग लिजुन का सामना भी हाल में बो के मुक़दमें के दौरान हुआ.

गू काईलाई पर पिछले साल ब्रितानी कारोबारी नील हेवुड की हत्या का आरोप लगा था. उन्हें चीन के दूसरे जेल में रखा गया है जिसे चीन का न्याय मंत्रालय 'बाग़ की शैली वाला जेल' कहता है.

एक मंत्रालय गर्व से अपनी रिपोर्ट में कहता है कि कुछ क़ैदियों ने यहां रहते हुए कविताएं लिखीं हैं.

किनचेंग में भले ही सारी विलासितापूर्ण सुख-सुविधाएं हों लेकिन बो को बेहद मुश्किल भरी ज़िंदगी बितानी होगी.

पूर्व रेल मंत्री ल्यो जेजुआं भी 94 लाख डॉलर रिश्वत लेने के आरोप सिद्ध होने पर तब से लेकर अब तक क़रीब एक दशक से किनचेंग में सज़ा काट रहे हैं. चीन के फिनिक्स टेलीविज़न के मुताबिक़ ल्यो ने ऐसा सबक़ सीखा है कि उन्होंने अपनी बेटी को राजनीति से दूर रहने की चेतावनी तक दे डाली है.

1950 के दशक में बीजिंग के सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो के निदेशक फेंग जिपिंग के देखरेख में इस जेल का निर्माण हुआ था. कई सालों बाद उन्हें भी इस जेल में बंद होना पड़ा जब उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी का विश्वासघाती घोषित किया गया.

उन्होंने एक बार यह कहा था, "अगर मुझे यह पता होता कि मुझे यहां वक़्त बिताना पड़ेगा तो मैं इस जेल को और बेहतर बनाता."

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