चीन: बो शिलाई को भ्रष्टाचार के लिए उम्रक़ैद

चीन के एक शहर जिनान की एक अदालत ने पूर्व राजनेता और कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य बो शिलाई पर अपना फ़ैसला दे दिया है.

अदालत ने उन्हें घूसखोरी, भ्रष्टाचार और सत्ता का दुरुपयोग करने के मामले में दोषी पाया है और उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है.

जब यह फ़ैसला सुनाया जा रहा था, उस वक्त बो शिलाई अदालत में ही मौजूद थे. इस फ़ैसले की ख़बर सोशल मीडिया के ज़रिए जारी की गई.

बो के खिलाफ़ जिनान शहर की अदालत में गुरुवार को मुक़दमा शुरू हुआ.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार उन पर रिश्वत के रूप में बहुत बड़ी धनराशि लेने और संपत्ति बनाने के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति के ग़बन का आरोप था.

बो शिलाई चोंगकिंग शहर में कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव के तौर पर उभरे, जहां उनकी सामाजिक नीतियों को स्थानीय जनता ने अपना समर्थन दिया.

क्यों चर्चित है बो शिलाई केस

लेकिन दो साल पहले उनकी पत्नी गू काईलाई को एक ब्रितानी कारोबारी नील हेवुड की हत्या में दोषी ठहराया गया जिसके बाद से बो के राजनीतिक जीवन पर ग्रहण लग गया.

बो की पत्नी को हेवुड की हत्या के जुर्म में सज़ा-ए-मौत सुनाई जा चुकी है.

पार्टी से निकाले गए

फ़रवरी 2012 में सामने आए हेवुड हत्याकांड मामले में उनकी पत्नी की भूमिका के चलते बो को पार्टी से निकाल दिया गया था.

Image caption बो शिलाई को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई.

बो ने ख़ुद मुक़दमे की सुनवाई में स्वीकार किया था कि उन्होंने सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में लापरवाही बरती थी.

हालांकि उन्होंने अपने ऊपर लगे घोटाले के आरोपों को नकार दिया. उन्होंने अदालत को बताया कि उनकी पत्नी गू काईलाई ने पैसे लिए थे और इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी.

उन्होंने कहा था कि उन्हें दबाव में आकर अपने ऊपर लगे गंभीर आरोपों को स्वीकार करना पड़ा था.

अभियोजन पक्ष ने कहा था कि बो का अपराध गंभीर है और उन्होंने कोई पछतावा नहीं जताया है. इसलिए उन पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी.

बो के पूर्व सहायक और प्रांतीय पुलिस प्रमुख वांग लिजुन पिछले साल फ़रवरी में अमरीकी वाणिज्य दूतावास में जाकर कुछ घंटों के लिए छिप गए थे. जिसके बाद ब्रिटेन के उद्योगपति नील हेवुड की मौत की जांच नए सिरे से शुरू की गई थी.

हत्याकांड की पड़ताल के दौरान लीपापोती के आरोपों में वांग लिजुन को भी सज़ा हो चुकी है.

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