ऐपल ने बेचे 36 घंटों में 90 लाख आइफोन

ऐपल ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए सिर्फ़ 36 घंटों में 90 लाख फ़ोन बेचें हैं.

कंपनी के दो नए आइफ़ोन, 5एस और 5सी की मांग लॉन्च के बाद दूसरे किसी आइफ़ोन से कही ज़्यादा रही है.

ऐपल के अनुसार आइफ़ोन 5एस की मांग उसकी उपलब्धता से काफ़ी ज़्यादा है और इन फोन्स की बढ़ती मांग की खबर आने के बाद शेयर बाज़ार में कंपनी के शेयर कीमतों में 6 फ़ीसदी का उछाल आया. बाद में स्थिति सामान्य होने पर भी कंपनी के शेयरों में 4 फ़ीसदी की बढ़त देखी गई.

आइफ़ोन 5एस में सामने के मुख्य बटन में ही फिंगर प्रिंट सेंसर लगा है, जबकि 5सी इसके मुकाबले सस्ता है और इस पर मनपसंद रंगों के बैक कवर भी लगाए जा सकते है.

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने एक लिखित बयान में कहा, “नए आइफोन्स की बाज़ार में मांग काफी अच्छी है. आइफ़ोन 5एस की पहली खेप बिक चुकी है और हम लगातार बढ़ती मांग के हिसाब से इन्हें स्टोर्स में पहुंचाने का प्रयास कर रहे है.”

उन्होंने आगे कहा, “हम लोग लगातार ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में फोन्स बनाने की कोशिश कर रहे हैं, और जो लोग इंतज़ार कर रहे हैं, उनका आभार.”

कंपनी का मुनाफ़ा

बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार ऐपल की बिक्री तो काफ़ी मज़बूत रही, लेकिन इसे मज़बूत बनाने के लिए कंपनी ने भी कड़ी मेहनत की.

टेलिकॉम विशेषज्ञ जेफ कागन का कहना था, “कंपनी लॉन्च की पहली वीकएंड की बिक्री को लेकर चिंतित थी और इसे बेहतर बनाने के लिए प्रचार पर भी ज़ोर दिया गया.”

कागन के अनुसार, इससे पहले लॉन्च हुए आइफोन्स की प्री बुकिंग का विकल्प मौजूद था लेकिन इस बार ऐसा विकल्प नहीं रखा गया.

ऐपल ने शेयर बाज़ार के नियामक अधिकारियों को जारी एक संदेश में कहा था कि कंपनी का मुनाफ़ा साल की आखिरी तिमाही में 34 अरब डॉलर से 37 अरब डॉलर के बीच रहेगा.

ऐपल ने ये भी कहा है कि कंपनी का मुनाफ़ा 36 से 37 फ़ीसदी के बीच ऊपरी रेंज में ही रहेगा.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे फ़ेसबुक पन्ने पर भी आ सकते हैं और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार