कीनिया की लड़ाई अब ट्विटर पर

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कीनिया की राजधानी नैरोबी में वेस्ट गेट मॉल पर हुए चरमपंथी हमले ने एक ओर जहाँ सारी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा वहीं दूसरी तरफ सरकार और चरमपंथी संगठन अल-शबाब दोनों ही ये कोशिश कर रहे हैं कि वे सोशल मीडिया के ज़रिए इस हमले के बारे में अपने संदेश लोगों तक पहुँचा सकें.

वेस्ट गेट की मुठभेड़ से पहले ही अल-शबाब ट्विटर के ज़रिए सारी दुनिया में अपने संदेश प्रसारित करने की कोशिश करता रहता था.

हालांकि इस गुट से जुड़े समझे जाने वाले इन ट्विटर एकाउंट को पिछले नौ महीनों में ट्विटर दो बार बंद कर चुकी है.

वेस्टगेट हुआ चरमपंथियों से मुक्त

लेकिन एक बार फिर से यह ट्विटर एकाउंट थोड़े अलग नाम से दोबारा चालू हो गए.

वेस्टगेट पर हमलों के दौरान अल-शबाब संगठन से जुड़े एक एकाउंट पर यह संदेश जारी किया गया कि ये हमले कीनिया की सेना की तरफ से सोमालिया में किए गए 'अपराधों' का बदला हैं.

ट्विटर संदेश में इस हमले को 'कीनिया के काफिरों के खिलाफ़ उनकी ही ज़मीन पर जंग का नाम दिया गया है.'

इसके नतीजे के तौर पर ये ट्विटर एकाउंट ब्लॉक कर दिया गया लेकिन संकट के जारी रहने के बीच कुछ और ट्विटर एकाउंट शुरू हो गए. सभी पर एक तरह की भाषाएँ इस्तेमाल की जा रही हैं और अगर कोई है भी तो इनमें से कौन वास्तविक है, इसको लेकर संशय की स्थिति बन गई है.

ट्विटर संदेश

मंगलवार को एक और एकाउंट चालू किया गया और इसके बारे में अल-शबाब के प्रवक्ता ने बीबीसी से इस बात की पुष्टि की कि यह उनका ही खाता है. मंगलवार की दोपहर तक यह एकाउंट सक्रिय पाया गया. पिछले एकाउंट की तरह इसका नज़रिया भी वेस्ट गेट हमले को लेकर वैसा ही था.

इसके संदेशों में भी कीनिया के लोगों से सरकार पर सोमालिया से सेना वापस बुलाने के लिए दबाव बनाने की अपील की गई है. एक संदेश में कहा गया, "आप इसे टाल सकते थे और अपनी ज़िंदगी सुरक्षित तरीके से जी सकते थे. आप अपने सैनिक हमारे देश से वापस बुला लें और शांति बहाल हो जाएगी. #वेस्टगेट."

मुबंई हमलों की याद

इस ट्विटर एकाउंट ने एक फोटो भी ट्वीट किया है जिसमें वेस्ट गेट शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के भीतर दो हमलावरों के होने का दावा किया गया है. ये फोटो किसी और ने पोस्ट किया था जो कि ज़्यादातर अरबी भाषा में संदेश जारी करता है और माना जाता है कि इसका संबंध अल-शबाब गुट से है.

ट्विटर पर ये संदेश एक मई से ही इस एकाउंट के शुरू होने के वक्त से मौजूद है. मौजूदा संकट के जारी रहने के वक्त भी इस एकाउंट पर अपडेट जारी किए जा रहे थे. उन संदेशों में कुछ तो अंग्रेजी में भी थे. इन ट्विटर एकाउंट्स से जुड़े लोगों को अच्छी तरह से ये पता है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस संकट की खबरें किस तरह से दिखाई जा रही हैं.

इसके संदेश में ब्रितानी नागरिक सामंथा लेथ्वेट को लेकर चल रही अफवाहों का भी जिक्र है जिनमें ये कहा गया है कि वे वेस्ट गेट हमलों में शामिल हैं. सामंथा साल 2005 में लंदन में सात जुलाई को हुए हमलों में शामिल एक हमलावर की विधवा हैं.

तालमेल की कमी

ट्विटर संदेश में मीडिया की ओर से सामंथा को दिए गए 'व्हॉइट विडो' के उपनाम का भी जिक्र है.

कीनिया के सुरक्षा अधिकारी पूरे वेस्ट गेट संकट के दौरान ट्विटर पर संदेश जारी करते रहे. पुलिस ने भी कई घोषणाएँ ट्वीट करके ही सार्वजनिक कीं.

कीनिया की राष्ट्रीय पुलिस सेवा के महानिरीक्षक ने शनिवार को संकट शुरू होने के बाद कहा कि इस इलाके को चारों तरफ से पुलिस ने घेर लिया है, उन्होंने आम लोगों और मीडिया से वहाँ से दूर रहने की भी अपील की.

जो बच गए, उनकी दास्तां

पुलिस तब से ही नियमित तौर पर अपडेट जारी करती आ रही है.

हालांकि शॉपिंग मॉल के भीतर क्या कुछ चल रहा था इसकी पुष्टि करना मुश्किल था. यह भी साफ ज़ाहिर हो रहा था कि सरकार के अलग-अलग महकमों के बीच तालमेल की कमी है.

उदाहरण के लिए सोमवार को कीनिया की विदेश मंत्री अमीना मोहम्मद ने एक अमरीकी टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि 'दो या तीन' अमरीकी और एक ब्रितानी महिला हमलावरों में शामिल हैं.

ठीक उसी शाम उनके एक कैबिनेट सहयोगी जोसेफ़ ओले लेंकु ने ट्विटर पर कहा, "सभी चरमपंथी पुरुष थे."

एकजुटता

सोमवार शाम को ही कुछ आधिकारिक ट्विटर एकाउंट में यह इशारा किया गया कि संकट खत्म होने वाला है.

गृह मंत्रालय के एक संदेश में कहा गया, "हालात काबू में हैं. #वेस्टगेट." जबकि कीनिया की सुरक्षा सेवा से जुड़े एक ट्विटर एकाउंट पर इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए अभियान के लिए बधाई संदेश जारी किया गया.

कीनिया के गुनहगार हैं कौन?

हालांकि यह जल्दी ही साफ हो गया कि सैन्य कार्रवाई जारी है और सारे हमलावर पकड़े नहीं जा सके हैं.

लेकिन सोशल मीडिया पर जारी इस पूरी कवायद में एक खास बात यह है कि कीनिया के सरकारी महकमों ने चरमपंथी हमले की जवाबी कार्रवाई में '#वीआरवन' और '#विदवनअकॉर्ड' के हैशटैग इस्तेमाल किए गए जो कि कीनिया के राष्ट्रगान से संबंधित हैं.

संकट के समय कीनिया के लोगों ने ट्विटर पर चरमपंथियों के खिलाफ जारी अभियान पर एकजुटता जाहिर की है.

अफ्रीकी महाद्वीप में कीनिया के लोग ट्विटर पर सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं और हमले के पीड़ितों की मदद के इरादे से लोगों को साथ लाने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया का अच्छा इस्तेमाल किया.

कई लोगों ने ट्विटर पर ये जानकारी भी साझा की कि कहाँ रक्त दान करना है.

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