'रूहानी के बयान को ग़लत ढंग से पेश किया'

हसन, रुहानी, ईरान

ईरान के मीडिया ने अमरीकी चैनल सीएनएन पर होलोकॉस्ट यानी कि यहूदियों की हत्या के मुद्दे पर राष्ट्रपति हसन रूहानी के वक्तव्य को ग़लत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया है.

ईरान के अरबी भाषा के चैनल अल-आलम का कहना है कि सीएनएन ने यहूदियों पर नाज़ी अत्याचार संबंधी राष्ट्रपति रूहानी के बयान को ग़लत ढंग से पेश किया है.

सीएनएन की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए साक्षात्कार में रूहानी कहते हैं, ''मैंने पहले भी कहा है कि व्यक्तिगत रूप से मैं एक इतिहासकार नहीं हूँ और जब होलोकॉस्ट के विभिन्य पहलुओं की बात आती है तो इस पर इतिहासकारों को बात करनी चाहिए.''

ईरानी मीडिया का कहना है कि अमरीकी प्रसारक ने होलोकॉस्ट पर दिए राष्ट्रपति के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया.

फ़ार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक़, ''सीएनएन ने अपनी वेबसाइट पर ईरानी राष्ट्रपति के शब्दों में होलोकॉस्ट के साथ-साथ तोड़ मरोड़ कर पेश किया." फ़ार्स ने इसे मीडिया की नैतिकता के ख़िलाफ़ और यहूदी शासन के समर्थन वाला बताया है.

फार्स न्यूज़ एजेंसी ने राष्ट्रपति के सीएनएन को दिए बयान का अपना अनुवाद प्रकाशित किया है. उसका कहना है कि राष्ट्रपति ने होलोकॉस्ट शब्द का प्रयोग नहीं किया.

रूहानी के जवाब

Image caption नाज़ी अत्याचारों पर रूहानी के बयान ने नयी तनातनी पैदा कर दी है

यहाँ होलोकॉस्ट पर सीएनएन की ओर से पूछे गए सवाल के दो जवाब है.

फ़ार्स के मुताबिक़ रूहानी ने कहा, ''मैंने पहले ही कहा है कि मैं एक इतिहासकार नहीं हूँ और इतिहासकारों को स्थिति स्पष्ट करते हुए ऐतिहासिक घटनाओं का वर्णन करना चाहिए. जबकि आम तौर पर हम पूरे इतिहास में मानवता के ख़िलाफ़ किए गए सभी प्रकार के अपराधों की पूरी तरह निंदा करते हैं, इसमें नाज़ियों के यहूदी और ग़ैर यहूदियों पर किए गए अपराध भी शामिल हैं.

फार्स के मुताबिक रूहानी ने आगे कहा, ''ठीक इसी तरह हम आज किसी देश, किसी धर्म, किसी व्यक्ति या किसी भी मत के ख़िलाफ़ किए गए अपराधों और जनसंहारों की निंदा करते हैं. इसलिए नाज़ियों ने जो किया उसकी निंदा की गई. लेकिन जिस पहलू की आप बात कर रहे हैं, उन पर सफ़ाई देना इतिहासकारों और शोधकर्ताओं का काम है और मैं इतिहास का छात्र नहीं हूँ.''

वहीं सीएनएन के मुताबिक़ रूहानी ने कहा, ''मैंने पहले ही कहा है कि मैं व्यक्तिगत रूप से इतिहासकार नहीं हूँ और जब बात होलोकॉस्ट के पहलुओं पर बोलने की आती है तो इतिहासकारों को ही इस पर प्रकाश डालना चाहिए.''

सीएनएन के मुताबिक रूहानी ने आगे कहा, ''लेकिन आम तौर पर मैं आप से कह सकता हूँ कि इतिहास में मानवता के ख़िलाफ़ हुए किसी भी अपराध, जिसमें नाज़ियों की ओर से यहूदियों और ग़ैर यहूदी लोगों के ख़िलाफ़ किया गया अपराध निंदनीय है. और अगर इस तरह के अपराध आज किसी धर्म या संप्रदाय या मानवता के ख़िलाफ़ होंगे तो हम फिर उनकी निंदा करेंगे. इसलिए नाज़ियों ने जो किया वह निंदनीय है. इसके पहलू जो भी हों, यह सोचना इतिहासकारों का काम है और मैं एक इतिहासकार नहीं हूँ.''

फ़ार्स ने अपनी बेवसाइट पर सीएनएन के लिप्यांतरण का अंग्रेजी संस्करण प्रकाशित किया है और इसके मुख्य अंशों को रेखांकित करते हुए कहा है कि अमरीकी प्रसारक ने इसका ग़लत अनुवाद किया है.

ईरान के कुछ और कट्टरपंथी विचारधारा वाले मीडिया जैसे, जवान, पारसीनेह और तबनाक न्यूज़ बेवसाइट ने भी इसी तरह की ख़बरें प्रकाशित की हैं जिनमें कहा गया है कि सीएनएन ने रूहानी के बयान को ग़लत तरीके से पेश किया.

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