30 साल बाद ईरानी-अमरीकी राष्ट्रपति में फ़ोन पर बातचीत

रूहानी और ओबामा

तीस सालों में ये पहला मौका है जब अमरीका के किसी राष्ट्रपति ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व से बात की है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने फोन पर अपने ईरानी समकक्ष हसन रुहानी से बात की है.

राष्ट्रपति ओबामा का हसन रुहानी से बात करना ' एक अद्वितीय मौका’ है, विशेष रुप से उस समय जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीति चरम पर है.

राष्ट्रपति हसन रुहानी ने ओबामा के फोन की पुष्टि की है.

राष्ट्रपति हसन रुहानी ने ट्वीट किया कि वो इस समय अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा से बात कर रहे हैं.

बराक ओबामा ने कहा, "अभी-अभी मैंने ईरान के राष्ट्रपति से टेलीफोन पर बात की है. हम दोनों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी समझौते के संदर्भ में बात की है. मैंने जो बातें न्यूयॉर्क में कही थीं, हसन रूहानी से बातचीत के दौरान भी उस पर ज़ोर दिया कि बातचीत के दौरान निश्चित तौर पर बाधाएं आएंगी और सफलता की कोई गारंटी नहीं है, बावजूत इसके मुझे यकीन है कि हम किसी निष्कर्ष पर जरूर पहुंचेंगे"

परमाणु मुद्दे का राजनीतिक समाधान

ईरानी राष्ट्रपति रुहानी और राष्ट्रपति ओबामा ने फोन पर बातचीत में परस्पर परमाणु विवाद के राजनीतिक समाधान की शपथ ली.

ईरानी राष्ट्रपति ने ट्वीट किया कि राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि मैं आप और ईरानी जनता का सम्मान करता हूं और समझता हूं कि दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सुधार आएगा. अगर हम परमाणु मुद्दे पर प्रगति करते हैं तो अन्य मामलों पर सकारात्मक असर पड़ेगा.

Image caption ओबामा ने कहा है कि अमरीका ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए कटिबद्ध है.

ईरानी राष्ट्रपति का कहना था कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ परमाणु विवाद का समाधान किया जा सकता है.

राष्ट्रपति हसन रुहानी ने अंत में कहा कि वो ओबामा के फोन का आभारी हैं और उनके लिए एक सुखद दिन की कामना करते है.

राष्ट्रपति ओबामा का जवाब था 'धन्यवाद, विदा'

समझौते की ओर

इससे पहले हसन रुहानी कह चुके हैं कि वह परमाणु मामले पर जल्दी समझौता करना चाहते हैं.

उन्होंने कहा है कि वह तीन से छह महीने की अवधि में अपने देश के परमाणु कार्यक्रम पर विश्व शक्तियों के साथ समझौता चाहते हैं.

ईरान गुरुवार को छह विश्व शक्तियों के साथ यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर बातचीत कर चुका है.

ईरानी राष्ट्रपति ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम 'उपयोगी' बातचीत के लिए तैयार है.

ईरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों और जर्मनी से अपने परमाणु कार्यक्रम पर 2006 से बातचीत कर रहा है जो अभी तक उपयोगी साबित नहीं हो सकी है.

ओबामा ने ईरान के राष्ट्रपति के कमोबेश "उदार रुख" का स्वागत किया है.

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