फ़ेसबुक पर स्टेटस अपडेट 'एडिट' करने पर सवाल

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फ़ेसबुक इस्तेमाल करने वालों को उनके स्टेटस अपडेट में बदलाव की सुविधा देने वाला एक नया फ़ीचर 'धोखाधड़ी' को बढ़ावा दे सकता है, एक विशेषज्ञ ने ये चेतावनी दी है.

पहले किसी भी अपडेट को हटाना पड़ता था और उसके बाद उसमें बदलाव करना संभव होता था, जिससे पहले के स्टेटस पर किए गए 'लाइक' और कमेंट ख़त्म हो जाते थे.

लेकिन नए फ़ीचर के बाद, जिसे वर्तनी और व्याकरण की ग़लतियां ठीक करने में मदद के लिए लाया गया है, पहले के पोस्ट बदले जा सकेंगे और उनकी सामग्री भी बदली जा सकेगी.

वे लोग जिन्होंने मूल पोस्ट को लाइक किया था या टिप्पणी की थी उन्हें इन बदलावों की जानकारी नहीं दी जाती.

फ़ेसबुक के प्रवक्ता से इस बारे में संपर्क नहीं हो सका.

दूसरी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर पोस्ट को संपादित करने की सुविधा पहले ही उपलब्ध है, फ़ेसबुक ने कुछ महीनों से लोगों को फ़ोटो अपडेट और दूसरे लोगों के अपडेट पर टिप्पणी बदलने की सुविधा दे रखी है.

'असली चिंताएं'

हालांकि बदलावों की जानकारी न देने का मतलब होगा कि जिन लोगों ने किसी साधारण सी दिखने वाली पोस्ट को लाइक किया था, जैसे कि "मुझे अपनी बिल्ली से प्यार है", हो सकता है कि वे अपना नाम किसी ऐसे पोस्ट के नीचे पाएं जो अलग हो या अपमानजनक या भड़काऊ हो.

Image caption अब फ़ेसुबक पर स्टेटस अपडेट भी बदलने की सुविधा मिल रही है.

ई-सोशल मीडिया के डायरेक्टर कीरन हेनॉन कहते हैं, "फ़ेसबुक के पोस्ट के पब्लिश होने के बाद उनमें बदलाव करने देने के ताज़ा अपडेट से मेरे कुछ परिचितों और कारोबारी मुवक्किलों में चिंता है, पहले किसी स्थिर सामग्री पर जो लाइक या टिप्पणी की गई हो वो अब ग़लत अर्थ निकालने के लिए खुली हुई है - ये वो तथ्य है जिस के बारे में कई लोगों को अभी पता नहीं है."

कीरन हेनॉन आगे कहते हैं, "इससे दोस्तों या दुश्मनों को धोखा देने के अवसर नाटकीय ढंग से बढ़ गए हैं."

जिन अपडेट में बदलाव किया गया है उन्हें 'एडिटेड' लिखा जाता है. जितने बदलाव किए गए उनका इतिहास फ़ेसबुक इस्तेमाल करने वालों के लिए उपलब्ध है.

'ग़लतियां कम होंगी'

पोस्ट को बदलने की ये सुविधा फ़ेसबुक के ये बताने के बाद आई है कि उसका इस्तेमाल करने वाले आधे से ज़्यादा लोग मोबाइल के ज़रिए वेबसाइट से जुड़ते हैं, मोबाइल पर टाइपिंग की ग़लतियां होने की ज़्यादा आशंका होती है.

डिजिटल बिज़नेस में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनी इकंसल्टेंसी के मैट ओवेन कहते हैं, "इसकी कम ही संभावना है कि इसका असर वर्तनी की ग़लतियां ठीक करने से कहीं आगे होगा."

वो कहते हैं, "अगर इस अपडेट से लोगों को अपनी सोशल प्रोफ़ाइल पर ज़्यादा नियंत्रण की सुविधा मिलती है तो आख़िरकार वे ख़ुश होंगे और इसका ज़्यादा इस्तेमाल करेंगे."

ये नया फ़ीचर कंपनियों के पेज पर उपलब्ध नहीं है.

लेकिन हेनॉन कहते हैं कि वो अपने मुवक्किलों को सलाह देंगे कि वो थोड़े सचेत रहें.

वो कहते हैं, "एक ब्रांड पहले किसी ऐसी पोस्ट को लाइक कर सकता है या टिप्पणी कर सकता है जिसे बाद में किसी चीज़ में अपडेट कर दिया जाए जिससे कंपनी के ब्रांड को नुक़सान पहुंचे."

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