नोबेल शांति पुरस्कार ओपीसीडब्ल्यू को

  • 11 अक्तूबर 2013
Image caption ओपीसीडब्ल्यू इस समय सीरिया में रासायनिक हथियारों के ख़ात्मे की निगरानी कर रही है

वर्ष 2013 का शांति के लिए नोबेल पुरस्कार ओपीसीडब्ल्यू संस्था को दिया गया है.

ओपीसीडब्ल्यू यानी 'ऑगनाइज़ेशन फ़ॉर प्रोहिबिशन ऑफ़ केमिकल वेपंस' दुनिया भर में रासायनिक हथियारों को नष्ट करने और उनकी रोकथाम के लिए काम करती है.

फ़िलहाल ये संस्था सीरिया में हथियारों को ख़त्म किए जाने का काम देख रही है.

नोबेल शांति समिति ने पुरस्कार की घोषणा करते हुए कहा, ''ओपीसीडब्ल्यू का काम शानदार रहा है.''

शांति पुरस्कार की दौड़ में पाकिस्तान में महिलाओं की शिक्षा के लिए अभियान चलाने वाली 16 वर्षीया स्कूली छात्रा मलाला यूसुफ़ज़ई भी शामिल थीं. नॉर्वे की राजधानी ऑस्लो में शुक्रवार को भारतीय समयानुसार दोपहर ढाई बजे इसकी घोषणा की गई.

मलाला के साथ-साथ बलात्कार की शिकार महिलाओं की मदद के लिए अभियान चलाने वाले कांगो के डॉक्टर डेनिस मुकवेगे भी इस पुरस्कार की दौड़ में आगे माने जा रहे थे.

पुरस्कार राशि

ओपीसीडब्ल्यू संस्था को एक स्वर्ण पदक और साढ़े 12 लाख डॉलर यानी लगभग 75 लाख रुपए इनाम के तौर पर दिया जाएगा.

इस पुरस्कार के लिए सबकी निगाहें मलाला पर थीं जिन पर पिछले साल यानी 2012 में नौ अक्तूबर को तालिबान ने स्वात घाटी में उस वक्त हमला किया था जब वो अपने स्कूल से घर लौट रहीं थीं.

इस हमले में मलाला बुरी तरह ज़ख़्मी हो गईं थीं और इलाज के लिए उन्होंने लंदन ले जाया गया था. फ़िलहाल वो अपने परिवार के साथ लंदन में रहती हैं और वहीं पढ़ाई कर रही हैं.

इसी गुरुवार को उन्होंने यूरोपीय संघ का 65 हज़ार डॉलर का सखारोव पुरस्कार जीता था, जिसे यूरोप में मानवाधिकारों का सर्वोच्च सम्मान समझा जाता है.

कौन थे दौड़ में

इस साल शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए रिकॉर्ड 259 लोगों के नामांकन आए थे. लेकिन आख़िरकार ओपीसीडब्ल्यू संस्था ने ही बाज़ी मारी.

सट्टेबाज़ों ने मलाला की जीत पर 3/5 का भाव लगाया था. इस लंबी सूची में यू2 सिंगर बोनो, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज भी शामिल थे.

कांगो गणराज्य के डॉक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डेनिस मुकवेगे को भी दमदार उम्मीदवार माना जा रहा था. इसके अलावा विकीलीक्स को गोपनीय दस्तावेज़ उपलब्ध कराने के दोषी अमरीकी सैनिक चेल्सी मैनिंग भी इस सूची में शामिल थे.

मिस्र के कंप्यूटर वैज्ञानिक मैगी गॉर्बन भी इस दौड़ में शामिल थे. उन्होंने क्रिश्चियन नन बनने के लिए अपने शैक्षिक करियर को तिलांजलि दे दी थी और बच्चों के लिए चैरिटी स्टीफंस नाम की संस्था स्थापित की.

साथ ही रूस की पूर्व गणितज्ञ प्रोफ़ेसर स्वेतलाना गानुशिंका का नाम भी सूची में शामिल था. उन्होंने नागरिकों की मदद के लिए अधिकार ग्रुप बनाया है.

नोबेल शांति पुरस्कार की दौड़ में शामिल मिस्टर मुकवेगे, पहले भी इस सूची में शामिल किए जा चुके हैं. उन्होंने कांगों में विद्रोहियों और सैनिकों द्वारा बलात्कार की शिकार दसियों हज़ार महिलाओं की मदद के लिए एक अस्पताल और एक फ़ाउंडेशन स्थापित किया है.

इससे पहले नोबेल शांति पुरस्कार दक्षिण अफ़्रीका में नस्लवाद विरोधी आंदोलन के जनक नेल्सन मंडेला, अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, दलाई लामा और म्यांमार में विपक्ष की नेता आंग सान सू ची को मिल चुका है.

वर्ष 2012 में ये पुरस्कार यूरोपीय यूनियन को यूरोप में शांति और मेल-मिलाप के प्रयासों, लोकतंत्र और मानवाधिकार के लिए दिया गया था.

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