अर्थशास्त्र का नोबेल संयुक्त रूप से तीन लोगों को

अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार इस साल तीन लोगों को संयुक्त रूप से दिया गया है और ये हैं यूजीन फ़ामा, पीटन हान्सेन और रॉबर्ट शिलर.

पुरस्कार देने वाली समिति ने कहा कि उन्हें यह पुरस्कार "पूंजी के मूल्यों के लिए इमपिरिकल विश्लेषण" के लिए दिया गया है.

समिति का कहना है कि इन तीनों के अलग-अलग किए गए काम ने "पूंजी के मूल्य पर वर्तमान समझ का आधार तैयार किया है."

करीब 7,34,64,000 रुपये की पुरस्कार राशि तीनों विजेताओं में बराबर बांटी जाएगी.

नोबेल मिलने की वजह?

शिकागो विश्वविद्यालय के यूजीन फ़ामा ने अपने शोध में बताया था कि अल्पकाल में अंश मूल्य (शेयर प्राइस) का अनुमान लगाना बेहद कठिन होता है और नई जानकारी को जल्द ही कीमत में शामिल किया जा सकता है.

समिति कहना था कि फ़ामा के इस तथ्य का आने वाले शोधकार्य पर "महत्वपूर्ण प्रभाव" पड़ा और इसने बाज़ार के चलने को भी बदल दिया.

शिकागो विश्वविद्यालय के ही लार्स पीटर हान्सेन को एक ऐसे सांख्यिकीय प्रणाली को विकसित करने के लिए पुरस्कृत किया गया जिससे पूंजी की कीमत की सिद्धातों को परखा जा सकता है.

येल विश्वविद्यालय के रॉबर्ट शिलर को 1980 में उनकी इस खोज के लिए पुरस्कृत किया गया कि पूंजी की कीमत में (स्टॉक प्राइस) कंपनी के फ़ायदे के मुकाबले ज़्यादा उतार चढ़ाव होता है.

अर्थशास्त्र के साथ ही वर्ष 2013 के सभी नोबेल पुरस्कारों की घोषणा हो गई है.

अर्थशास्त्र का नोबेल 1668 में स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने स्वीडिश उद्योगपति अल्फ्रेड नोबेल की याद में शुरू किया था.

इससे पहले अल्फ्रेड नोबेल ने 1895 में पांच क्षेत्रों- मेडिसिन, रसायन, भौतिकी, साहित्य और शांति के लिए नोबेल पुरस्कार शुरू किए थे.

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