अमरीका पर आर्थिक संकट के बादल बरक़रार

अमरीकी संसद
Image caption अमरीकी संसद के दोनों सदनों में कामबंदी से उबरने के प्रस्तावों पर चर्चा हो रही है

अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस ने संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के रिपब्लिकन सांसदों का वो प्रस्ताव ख़ारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने ऋण की सीमा बढ़ाने और केंद्रीय सरकार की कामबंदी ख़त्म करने की बात कही थी.

व्हाइट हाउस ने इसे रूढ़िवादियों के एक छोटे से समूह को ख़ुश करने की कोशिश वाला क़दम बताया है मगर साथ ही उच्च सदन सीनेट के एक समांतर प्रस्ताव का स्वागत किया है.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने स्वास्थ्य संबंधी जो क़ानून बनाया है उसमें बदलाव की प्रतिनिधि सभा के सांसदों की कोशिश का व्हाइट हाउस ने विरोध किया है.

अमरीका ने अगर अपनी लगभग पौने 17 खरब पाउंड की ऋण की सीमा गुरुवार तक नहीं बढ़ाई तो उसके सामने डिफ़ॉल्ट की स्थिति पैदा हो जाएगी. डिफ़ॉल्ट की स्थिति तब बनती है जब धन लेने वाला ऋण की शर्तें पूरी नहीं कर पाता या धन चुका नहीं पाता.

अभी तक ये अस्पष्ट है कि अमरीकी संसद समय रहते अमरीका और पूरी दुनिया पर मँडरा रहा ये आर्थिक संकट टाल पाएगी या नहीं.

सोमवार को सीनेट में जो प्रस्ताव आया था और फिर मंगलवार को प्रतिनिधि सभा में जो प्रस्ताव आया है- इन दोनों के ही तहत सरकार को जनवरी के मध्य तक धन मिलेगा और ऋण की सीमा फ़रवरी तक बढ़ा दी जाएगी. इस तरह लंबे समय के बजट पर चर्चा के लिए और समय मिल जाएगा.

सीनेट के प्रस्ताव के तहत कंपनियाँ और यूनियन कर्मचारियों की स्वास्थ्य योजनाओं पर जो प्रति कर्मचारी कर अदा करती हैं उसमें दो साल तक की देर हो सकती है.

खींचतान

Image caption ओबामा ने प्रतिनिधि सभा के रिपब्लिकन प्रस्ताव की निंदा की है

इधर प्रतिनिधि सभा की योजना के तहत स्वास्थ्य से जुड़ी सब्सिडी के लिए जो कर है उसमें देर होगी और साथ ही राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, राष्ट्रपति के कैबिनेट के सदस्यों और अमरीकी सांसदों को मिलने वाली स्वास्थ्य सब्सिडी ख़त्म हो जाएगी.

साल 2010 में ये स्वास्थ्य संबंधी क़ानून पास हुआ था और उसे बाद में सुप्रीम कोर्ट से वैधता भी मिली थी. साथ ही साल 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में ओबामा के लिए ये एक अहम मुद्दा भी था.

इसके बाद ओबामा ने ये प्रस्ताव ख़ारिज कर दिया. उनके एक सहयोगी ने इसे मुश्किल समय में 'फिरौती वसूलने की कोशिश' बताया.

दोनों ही सदनों के डेमोक्रैट्स सांसदों ने ओबामा के सुर में सुर मिलाते हुए प्रतिनिधि सभा के रिपब्लिकन सदस्यों की योजना की आलोचना की है.

वॉशिंगटन पोस्ट और एबीसी न्यूज़ के एक सर्वेक्षण में पता चला था कि 74 फ़ीसदी मतदाता इस संकट से निकलने के रिपब्लिकन सांसदों के तरीक़ों से नाख़ुश हैं जबकि राष्ट्रपति ओबामा से नाराज़ लोगों की तादाद 53 फ़ीसदी है.

बैंक जगत से जुड़े लोग और अर्थशास्त्री लगातार इस बात की चेतावनी दे रहे हैं कि अगर अमरीकी संसद समय रहते ऋण की सीमा बढ़ाने में नाकाम रही तो उसके घातक नतीजे हो सकते हैं.

इस बीच अमरीकी सरकार आंशिक रूप से कामबंदी झेल रही है क्योंकि अमरीकी संसद एक अक्तूबर तक बजट को लेकर सहमति नहीं बना सकी.

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉयड ऐप के लिए यहाँ क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार