अब मर्केल ने लगाए जासूसी के आरोप

  • 24 अक्तूबर 2013
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जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को फ़ोन कर उनके मोबाइल फ़ोन की जासूसी करने पर नाराज़गी जताई है.

मर्केल की तरफ़ से उनके प्रवक्ता ने कहा, जर्मन नेता ने ‘इन तरीक़ों को एकदम नाजायज़’ बताया है.

मर्केल ने अमरीकी अधिकारियों से जर्मनी में चल रही इस जासूसी का दायरा स्पष्ट करने को कहा है.

व्हाइट हाउस के मुताबिक़ राष्ट्रपति ओबामा ने चांसलर मर्केल से कहा है कि अमरीका उनकी बातचीत की जासूसी नहीं कर रहा था.

व्हाइट हाउस प्रवक्ता जे कार्नी ने कहा, ‘अमरीका न तो चांसलर की बातचीत की निगरानी कर रहा है और न ही करेगा.’

अमरीका की सफ़ाई

कार्नी ने पत्रकारों को बताया कि वॉशिंगटन जर्मनी के अलावा फ़्रांस और अमरीका के दूसरे सहयोगी देशों की चिंताओं की पड़ताल कर रहा है.

जर्मन चांसलर की तरफ़ से फ़ोन तब किया गया है जब एक दिन पहले ही अमरीकी इंटेलीजेंस प्रमुख जेम्स क्लैपर ने उन रिपोर्ट्स से इनकार किया था कि अमरीकी जासूसों ने 30 दिन में फ़्रांस में सात करोड़ फ़ोन कॉल का डेटा रिकॉर्ड किया था.

उन्होंने कहा कि ले मोंद अख़बार ने ‘भ्रामक जानकारी’ फैलाई है.

जर्मन सरकार ने हालांकि यह साफ़ नहीं किया है कि उसे मर्केल के संवाद पर चल रही कथित अमरीकी जासूसी का पता कैसे चला.

मगर न्यूज़ मैगज़ीन डर स्पीगल ने कहा है कि यह सूचना उसकी जांच से निकली हैं. डर स्पीगल ने अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन से मिली जानकारी के आधार पर कई ख़बरें प्रकाशित की थीं.

तुरंत जांच की मांग

बर्लिन ने वॉशिंगटन ने इस मामले में ‘तुरंत और विस्तृत’ सफ़ाई की मांग की है और कहा है कि यह ‘विश्वास को चोट पहुंचाने का गंभीर मामला’ होगा.

एक बयान में कहा गया है, ‘दशकों से क़रीबी दोस्त और साथी रहे फ़ैडरल रिपब्लिक ऑफ़ जर्मनी और अमरीका में किसी सरकार के नेता के संवाद की निगरानी जैसी चीज़ नहीं होनी चाहिए.’

इसी बयान में कहा गया है कि मर्केल ने ओबामा को बताया है- ‘ऐसे तरीक़े फ़ौरन रोके जाएं’.

स्नोडेन के जासूसी आरोपों के बाद अमरीका अपने सहयोगी देशों का ग़ुस्सा झेल रहा है.

इसी विरोध के चलते ब्राज़ीली राष्ट्रपति डिल्मा रुसेफ़ ने इस महीने अमरीका की अपनी यात्रा रद्द कर दी थी. उनके आरोप हैं कि अमरीका की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी ने उनके देश में इलेक्ट्रॉनिक ढंग से जासूसी की थी, जिसमें उनके दफ़्तर के संचार पर भी निगरानी की गई.

संयुक्त राष्ट्र में एक भाषण के दौरान उन्होंने अमरीका के इन तर्कों को दरकिनार कर दिया कि आतंकवाद, ड्रग्स ट्रैफ़िकिंग और दूसरे संगठित अपराधों से बचाव के लिए देशों की सूचनाओं को एकत्र किया गया था.

अंतरराष्ट्रीय विरोध के चलते अमरीकी अधिकारियों ने अमरीकी ख़ुफ़िया प्रणाली की समीक्षा शुरू कर दी है.

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