'जासूसी से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई कमज़ोर होगी'

  • 26 अक्तूबर 2013

यूरोपीय संघ के नेताओं ने कहा है कि जासूसी करके अमरीका ने जिस तरह से दोस्तों पर संदेह किया है उससे चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई को नुकसान पहुंच सकता है. यूरोपीय संघ के नेताओं ने ब्रसेल्स में बैठक के दौरान ये बात कही.

यूरोपीय संघ के नेताओं ने सभी की सहमति से जारी एक बयान में कहा है, "भरोसे का अभाव एक पूर्वाग्रह हो सकता है."

वहीं फ़्रांस और जर्मनी इस बात पर अड़े हैं कि इस साल के अंत तक अमरीका से जासूसी के मुद्दे पर बात की जाए और उससे स्पष्टीकरण माँगा जाए.

इस हफ़्ते अमरीकी खुफिया एजेंसियों पर जासूसी को लेकर कई आरोप लगे हैं, जिनमें जर्मनी की चांसलर अंगेला मेर्केल के फ़ोन कॉल्स की जासूसी का मामला भी शामिल है.

इसके अलावा फ़्रांस की ओर से ये भी दावे किए जा रहे हैं कि अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी यानी एनएसए ने लाखों फ़्रांसीसी नागरिकों के फ़ोन कॉल्स की जासूसी की.

स्पेन ने भी माँगा स्पष्टीकरण

Image caption यूरोपीय संघ की बैठक में अमरीकी जासूसी का मुद्दा छाया रहा

इस बीच, जर्मनी और फ्रांस की तरह स्पेन ने भी जासूसी के मामले में स्पष्टीकरण के लिए अमरीकी राजदूत को तलब किया है.

फ़ोन कॉल्स की जासूसी के ताजा मामलों का रहस्योद्घाटन अमरीका के पूर्व खुफिया कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन के ज़रिए हुए जो कि आजकल मॉस्को में हैं.

ब्रसेल्स में चल रहे यूरोपीय संघ के सम्मेलन के दौरान जासूसी का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा.

शुक्रवार को यूरोपीय संघ के नेताओं की ओर से जारी बयान में एक दिन पहले की बातचीत का ही असर दिख रहा है.

बयान के मुताबिक संघ के नेताओं ने यूरोप और अमरीका के बीच रिश्तों को सहयोग के मूल्यों को रेखांकित किया.

इस मामले में दूसरे देशों ने भी जर्मनी और फ़्रांस के प्रति अपना समर्थन जताया.

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