जापानी पुरुषों को भाती हैं 'कंप्यूटर बालाएं'

जापान, एनिमेटेड महिलाएं

अगर जापान में जन्म दर बढ़ाने के लिए कुछ नहीं किया गया तो आज के मुकाबले साल 2060 में उसकी आबादी घटकर एक तिहाई रह जाएगी.

जापान में पुरुषों में एक खास किस्म के रुझान की वजह से बच्चों की संख्या में कमी आई है. ओटाकू नाम से जाने जाने वाले ये पुरुष सेक्स के मुकाबले कॉमिक चरित्र मंगा, एनिम और कंप्यूटर को अधिक पसंद करते हैं.

टोक्यो दुनिया के विशालतम महानगरों में शुमार है और यहां 3.5 करोड़ से अधिक लोग रहते हैं. ऐसे में ऊपरी तौर से देखने पर नहीं लगता है कि वहां जनसंख्या की कमी जैसी कोई समस्या है.

लेकिन इस शहर में मंगा और एनिम उपसंस्कृति को समर्पित इलाके अकिहाबारा में जाने पर इस समस्या का सुराग मिलता है.

ओटाकू का स्वर्ग

ये सामाजिक जीवन से कटे और पूरी तरह से कंप्यूटर में डूबे हुए लोगों का इलाका है जिनकी परवरिश तेज आर्थिक तरक्की के 20 वर्षों के दौरान हुई है. ये लोग अपनी ही काल्पनिक दुनिया में रहना पसंद करते हैं.

जापान के परिवार नियोजन संघ की कूनीयो कीतामुरा ज्यादातर जापानी पुरुषों को हर्बीवोर्स (शादी या प्रेमिका से दूर रहने वाले) बताती हैं, जो काम-इच्छा के लिहाज से निष्क्रिय हैं.

ऐसा लगता है कि उनमें युद्ध से पहले के जापानी पुरुषों की तरह महत्वाकांक्षा नहीं है, जिन्होंने जापान को एक आर्थिक महाशक्ति बनाया.

Image caption जापान में बड़ी संख्या में युवा खुद को किसी तरह के वास्तविक संबंधों में नहीं बांधना चाहते.

नई पीढ़ी के इन युवाओं में किसी कंपनी में काम करने या वेतनभोगी बनने की इच्छा नहीं हैं.

वो अपनी दुनिया में जीते हैं और चिंताजनक रूप से विपरीत सेक्स के साथ दूरी बनाए हुए हैं.

जापान के स्वास्थ्य, श्रम और कल्याण मंत्रालय के साल 2010 के सर्वेक्षण में पाया गया कि 16 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 36 प्रतिशत जापानी पुरुषों की सेक्स में कोई दिलचस्पी नहीं थी. यह आंकड़ा अगले दो वर्षों के दौरान बढ़कर दोगुना हो गया.

दिल तो बच्चा है जी...

मैंने दो ओटाकू से मुलाकात की. ये दोनों ही वर्चुअल (काल्पनिक) गर्लफ्रेंड से संबंधों में यकीन रखते हैं.

यह गर्लफ्रेंड दरअसल 'लव प्लस' नाम का निनटेंडो कंप्यूटर गेम है, जो एक छोटे पोर्टेबल टैबलेट के ज़रिए उनके जीवन में अवतरित होती थी.

नूरिकन और यूग अपनी गर्लफ्रैंड रिंको और ने-ने को पार्क में डेट पर ले जाते हैं और उनका जन्मदिन मनाने के लिए केक खरीदते हैं.

नूरिकन के मुताबिक, "यह कुछ उस तरह का संबंध है जैसा कि हम हाई स्कूल के दौरान चाहते थे."

इस गेम में वो 15 साल के हैं, हालांकि उनकी वर्तमान उम्र 38 साल है.

39 साल के यूग बताते हैं कि, "जब तक मेरे पास समय रहेगा, मैं इस संबंध को हमेशा जारी रखूंगा."

उन्होंने बताया कि, "वह हाईस्कूल में है. वह सुबह मुझे लेने आती है और हम साथ में स्कूल जाते हैं. स्कूल के बाद वो मुझे गेट पर मिलती है और हम साथ में घर आते हैं. गेम में मेरी उम्र 17 साल है."

यूग बताते हैं कि वो अक्सर ने-ने को अपनी साइकिल पर बैठा लेते हैं और उसकी तस्वीरें खींचते हैं.

असली बनाम वर्चुअल गर्लफ्रैंड

यूग हालांकि असली महिला से मिलना चाहते हैं और नूरीकन तो शादीशुदा है, लेकिन वास्तविक गर्लफ्रैंड के मुकाबले ये अधिक आसान है.

यूग के मुताबिक, "हाईस्कूल में शादी की चिंता किए बगैर संबंध हो सकते हैं. वास्तविक गर्लफ्रैंड होने पर आपको शादी के बारे में विचार करना होगा. इसलिए मैं थ्रीडी महिला को छोड़ने से पहले दो बार सोचूंगा."

नूरीकन कहते हैं कि उन्होंने अपनी पत्नी को रिंको के बारे में नहीं बताया है और उम्मीद जताते हैं कि उन्हें कभी उनमें से किसी को न चुनना पड़े.

ओटाकू लोगों की भावनाओं को नज़रअंदाज़ कर पाना मुश्किल है और वो अपने इस जीवन में सहज हैं.

टोक्यो स्थित एक सामाजिक टिप्पणीकार रोलैंड केल्ट्स ने बताया कि कई युवा जापानी पुरुष अपने भविष्य को लेकर निराशावादी हैं.

Image caption जन्म दर में भारी कमी के कारण बंद हो चुका एक प्रसूति गृह

उन्हें भरोसा नहीं है कि वो अपने माता-पिता की तरह धनवान बन सकेंगे और इसलिए खुद को किसी तरह के संबंधों में बांधना नहीं चाहते हैं.

उन्होंने बताया, "अगर आप चीन या वियतनाम से तुलना करें तो वहां ज़्यादातर बच्चे नाइट क्लब में जा रहे हैं, डांस कर रहे हैं और शायद सेक्स भी. वो जानते हैं कि वो अपने माता-पिता की आमदनी पर मौज करने वाले हैं. जापान में कोई भी ऐसा नहीं सोचता है."

विदेशियों के लिए दरवाजे बंद

कई सर्वेक्षणों में पाया गया है कि जब जापानी पुरुषों और महिलाओं के संबंध रहते हैं तो भी वो सेक्स काफी कम करते हैं. सर्वेक्षण में 27 प्रतिशत जोड़ों ने कहा कि वो सप्ताह में कम से कम एक बार शारीरिक संबंध बनाते हैं.

विवाह की दर में भी कमी आ रही है. जापान के जनसांख्यिकी संकट की एक वजह प्रवासियों की कमी भी है.

ब्रिटेन में हर आठ में एक व्यक्ति विदेश में पैदा हुआ है जबकि जापान में यह आंकड़ा 60 में एक है.

योग्य श्रमिकों की कमी के बावजूद जापान में प्रवासियों के लिए नियम काफी सख्त हैं.

ब्रिटेन में 60,000 स्वास्थ्यकर्मी विदेशी हैं, जबकि जापान में केवल 60. गौरतलब है कि नर्स की बेहद कमी है.

जापान ने वैश्वीकरण के इस दौर में अपनी संस्कृति को बचाए रखने के लिए काफी मशक्कत की है, लेकिन पहचान को लेकर उनकी सजगता क्या जनसांख्यिकीय समस्या के समाधान में बाधक बन गई है?

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