सऊदी अरब: कार चलाने पर गृह मंत्रालय की 'धमकी'

Image caption 1990 के बाद तीसरी बार महिला कार चालक सड़कों पर उतरीं.

सऊदी अरब में प्रतिबंध को तोड़ते हुए कुछ महिलाओं ने सार्वजनिक रूप से सड़कों पर कार चलाई. कार्यकर्ताओं का कहना है कि 60 से ज़्यादा महिलाओं ने आधिकारिक चेतावनी की परवाह किए बग़ैर गाड़ी चलाई. हालांकि इस संख्या की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन इंटरनेट में कुछ महिलाओं को कार चलाते हुए दिखाया गया है.

सऊदी अरब में महिलाओं को कार चलाने की अनौपचारिक मनाही है हालांकि कानून में लिखा नहीं किया गया है. इसी मनाही के खिलाफ एक अवमानना प्रदर्शन का आह्वान किया गया था.

कुछ महिलाओं को गृह मंत्रालय की ओर से अगाह करने के लिए फोन कॉल आए थे और कहा गया था कि अगर वे प्रदर्शन में शामिल हुईं तो उन्हें सज़ा हो सकती है. इस प्रदर्शन की एक अगुआ कार्यकर्ता और विश्वविद्याल में प्रवक्ता अजीजा अल-यूसुफ ने कहा कि प्रशासन की चेतावनी भरे फोन के बाद वो प्रदर्शन में हिस्सा लेने नहीं गईं.

प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाली महिलाओं ने कहा कि सड़क पर उन्हें कहीं नहीं रोका नहीं गया.

समर्थन

एक मांगपत्र पर 17,000 लोगों ने हस्ताक्षर कर प्रतिबंध को हटाने की मांग की है.

एक अन्य महिला माई अल-सेवियां ने बीबीसी को बताया कि, ''मैं घर के पास ही एक दुकान तक गई थी... मेरे साथ एक रिपोर्टर भी था.मैं तीन महिलाओं को जानती हूं जिन्होंने कार चलाई.''

उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही यह प्रतिबंध हटा लिया जाएगा.

शनिवार को हुआ यह प्रदर्शन 1990 के बाद तीसरी बार है. 1990 के प्रदर्शन में कई महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया था और कईयों की नौकरी चली गई थी.

पुलिस ने प्रदर्शन के खिलाफ पुख्ता इंतजाम किया था लेकिन लगता है कि शनिवार को प्रशासन प्रतिबंध लागू करवा पाने असफल रहा.

हालांकि गृहमंत्री मंसूर अल-तुर्की ने बृहस्पतिवार को प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए अधिकारियों को आदेश जारी किया था.

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