अमरीका: कसेगी ख़ुफ़िया तंत्र पर लगाम?

स्पेनिश भाषा का एल मुंडो अख़बार

अमरीकी ख़ुफ़िया तंत्र की तरफ़ से मित्र देशों में फ़ोन कॉल्स की जासूसी करने करने के आरोपों के बीच व्हाइट हाउस ने ख़ुफ़िया तंत्र पर ज़्यादा 'नियंत्रण' की ज़रूरत स्वीकार की है.

व्हाइट हाउस प्रवक्ता जे कार्नी ने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा की जा रही ख़ुफ़िया तंत्र की नीति समीक्षा में 'निजता के मुद्दों' को भी ध्यान में रखा जाएगा.

कुछ वक़्त से कई देशों में अमरीका द्वारा फ़ोन कॉल्स की निगरानी की ख़बरें लगातार आ रही हैं. इस सूची में स्पेन भी जुड़ गया है.

अमरीका के ऊपरी सदन सीनेट के एक डेमोक्रेट सदस्य ने कहा है कि सदन की खु़फ़िया मामलों की समिति देश के जासूसी कार्यक्रमों की 'बड़े पैमाने पर समीक्षा' करेगी.

सांसद डाऐन फिन्स्टेन ने कहा कि वह नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी यानी एनएसए के सहयोगी देशों के नेताओं के फ़ोन कॉल्स की निगरानी के 'पूरी तरह ख़िलाफ़' हैं.

'ज़्यादा नियंत्रण की ज़रूरत'

सोमवार को राष्ट्रपति ओबामा के प्रवक्ता जे कार्नी ने पत्रकारों को बताया कि सरकार ''इस बात को मानती है कि हमारे जानकारी इकट्ठा करने और इस्तेमाल करने के तरीक़ों पर ज़्यादा नियंत्रण की ज़रूरत है."

उन्होंने कहा कि अमरीका ख़ुफ़िया जानकारी का इस्तेमाल अपने आर्थिक फ़ायदों के लिए नहीं करता और राष्ट्रपति ओबामा यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ''हम जानकारी इसलिए नहीं इकट्ठी कर रहे हैं क्योंकि हम ऐसा कर सकते हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि हमें ऐसा करना चाहिए और इसलिए भी क्योंकि हमें अपनी सुरक्षा के लिए इसकी ज़रूरत है."

लेकिन जे कार्नी और राष्ट्रपति ओबामा दोनों ने ही अब तक अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों और विदेशी अधिकारियों की फ़ोन कॉल्स की जासूसी के आरोपों पर कोई स्पष्टीकरण दिया है.

'चिंता का विषय'

सोमवार को ही यूरोपीय संसद की समिति के सदस्यों ने अमरीका द्वारा यूरोपीय नेताओं और नागरिकों की कथित जासूसी के बारे में अमरीकी कांग्रेस के सदस्यों से बात की.

ब्रिटेन के लेबर पार्टी के क्लॉद मोरेस ने बैठकों के बाद बीबीसी को बताया, "हम उन लोगों को बताना चाहते थे कि यूरोपीय संघ के नागरिकों की ये निगरानी सच में चिंता की बात है."

मोरेस ने यह भी कहा कि वह और उनके बाक़ी साथी इस मुद्दे पर अमरीकी अधिकारियों के जवाबों से असंतुष्ट थे.

उन्होंने कहा, "वे हमें जवाब दे रहे हैं लेकिन ये वो जवाब नहीं हैं जो हम चाहते हैं. ये कहना कि ''जासूसी तो हमेशा ही होती थी'', हम ऐसे जवाब सुनकर थक गए हैं.''

अमरीका की एजेंसी एनएसए द्वारा स्पेन में एक महीने में छह करोड़ लोगों के फ़ोन कॉल्स की निगरानी की ख़बरों के बीच स्पेन ने भी अमरीका से इसका स्पष्टीकरण मांगा है.

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