ज़्यादा भोजन, इलाज के लिए लंबा इंतज़ार

  • 7 नवंबर 2013
खाना खाते लोग

ब्रिटेन में सामाज कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाली एक संस्था ने सरकार से अधिक खाने की समस्या से पीड़ित लोगों के लिए काम करने की अपील की है.

'बीट' नाम की इस संस्था ने कहा है कि ऐसे लोगों का इलाज लंबे समय तक शुरू नहीं हो पाता है. उन्हें इलाज के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता है.

संस्था का कहना है कि इस वजह से स्थिति चिंताजनक हो गई है. कुछ मामलों में तो यह घातक साबित हो सकती है.

मानसिक बीमारी

सरकार का ज़ोर इस बात पर है कि अधिक खाने की समस्या से पीड़ित लोगों और अन्य मानसिक रोगियों का इलाज भी अन्य शारीरिक रोगों से पीड़ित लोगों के समान ही किया जाए.

हेली मार्टिन को अधिक खाने की समस्या उस समय शुरू हुई, जब वह 15 साल की थीं. कुछ समय बाद यह समस्या इतनी विकराल हो गई कि उन्हें विश्वविद्यालय में अपनी पढ़ाई छोड़ देनी पड़ी.

वो अरुचि और उल्टी की समस्या से पीड़ित थीं, वो कहती हैं कि यह उनके जीवन पर भारी पड़ गया.

लेकिन जबतक उन्होंने मदद की गुहार लगाई, तबतक उनका वज़न काफ़ी कम हो चुका था.

हेली कहती हैं कि जब उन्होंने अपने डॉक्टर को किसी विशेषज्ञ की मदद के लिए रेफ़र करने को कहा तो उन्हें बताया गया कि उनके मूल्यांकन में छह महीने लग सकते हैं. बाद में उन्हें बताया गया कि इलाज शुरू होने में डेढ़ साल लग सकता है.

हेली ने अधिक खाना जारी रखा और बाद में ख़ुद को भूखा रखा. एक बार उन्होंने अपना जीवन ख़त्म करने की भी कोशिश की.

लंबा इंतज़ार

वो कहती है, ''मुझे डेढ़ साल के लिए प्रतिक्षा सूची में रखा गया था. मैं ख़ुद को ख़त्म कर देना चाहती थी.''

हेली को अगर कोई शारीरिक बीमारी होती तो उनके पास 18 हफ्ते में इलाज शुरू करने का क़ानूनी अधिकार होता. लेकिन मानसिक समस्याओं में ऐसी कोई गारंटी नहीं है.

'बीट' की मुख्य कार्यकारी सुसान रिंगवुड कहती हैं कि अधिक खाने की समस्या में जल्द इलाज महत्वपूर्ण है. वो इलाज के लिए इंतज़ार की एक निश्चित समय सीमा की बात करती हैं.

वो कहती हैं, ''अधिक खाने की 20 फ़ीसद से अधिक समस्याओं में यह ख़तरनाक होता है. मानसिक बीमारी से होने वाली मौतों में यह सबसे अधिक है.''

सुसान कहती हैं, ''हम जानते हैं कि जब लोगों को इलाज के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता है तो उनकी बीमारी और ख़राब हो सकती है. बहुत से गंभीर मामलों में लोगों की जान भी जा सकती है.''

'बीट' ने इस साल अगस्त में अधिक खाने से पीड़ित के इलाज को लेकर 331 लोगों का सर्वेक्षण किया.

सुसान कहती हैं, ''हम यह जानकर चकित रह गए कि 26 फ़ीसदी लोगों ने बताया कि उन्हें इलाज के लिए छह महीने से अधिक इंतज़ार करना पड़ा. हम चाहते हैं कि इंतज़ार की समय सीमा तय की जाए, जिससे लोग यह जान सकें कि उनका इलाज कब शुरू होगा.''

गंभीर समस्या

सरकार ने इंग्लैंड की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा को मानसिक रोगों का इलाज शुरू होने में लगने वाले समय की समीक्षा करने को कहा है. स्वास्थ्य मंत्री नॉरमैन लैंब कहते है कि यह बहुत ज़रूरी प्राथमिकता हो गया था.

वो कहते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य के मामले में हम यह भी नहीं जानते हैं कि लोग कबसे इंतज़ार कर रहे हैं. इसलिए यह सर्वेक्षण बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे समस्या की गंभीरता का पता चलती है.

स्वास्थ्य मंत्री कहते हैं, ''हम एक बिंदु तय करना चाहते हैं, 2015 तक हम इसका मानक तय करना चाहते हैं, जिससे लोग यह जान सकें कि उन्हें अधिकतम कितना इंतज़ार करना पड़ेगा.''

इसके साथ ही वो यह भी स्वीकार करते हैं कि यह कोई आसान काम नहीं है.

हेली मार्टिन ने अधिक खाने की बीमारी का इलाज करने वाला कोई डॉक्टर नहीं देखा.

वो कहती हैं कि उनके दादा-दादी, मित्रों और माता-पिता के सहयोग ने इस समस्या से उबरने में उनकी मदद की. इसमें क़रीब एक साल का समय लगा.

वो कहती हैं कि अगर उन्हें उस समय सहायता मिल गई होती, जब सबसे अधिक उन्हें ज़रूरत थी तो, समस्या अधिक गंभीर नहीं होती.

वो कहती हैं, ''लोग ख़तरे के साथ जी रहे हैं. यह वास्तव में एक गंभीर बीमारी है. यह अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की ही तरह महत्वपूर्ण है.''

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