गोवा सरकार के रवैये से आहत हैं: नाइजीरियाई उच्चायुक्त

पिछले दिनों गोवा में एक नाइजीरियाई नागरिक की हत्या के बाद, भारत में रह रहे नाइजीरियाई समुदाय में डर और नाराज़गी है.

नाइजीरिया के उच्यायुक्त डूबीसी वाइटस अमाकू ने बीबीसी हिंदी से बात करते हुए कहा कि गोवा सरकार के रवैये से वहां रह रहे नाइजीरियाई लोग आहत हैं और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

गोवा सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने आगे कहा, ''एक नाइजीरियाई की हत्या के बाद तेज़ी से जांच करने की जगह, गोवा सरकार का ये कहना कि नाइजीरिया के जो भी लोग राज्य में ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से रहे हैं, उन्हें वापस भेज दिया जाएगा, इस बात ने घाव पर नमक छिड़कने जैसा काम किया है.''

इस बीच गोवा पुलिस ने नाइजीरियाई युवक की हत्या के मामले में एक गिरफ्तारी की है.

गोवा में पिछले सप्ताह चाकू से किए गए हमले के दौरान एक नाइजीरियाई की मौत और पांच अन्य के घायल होने के बाद तनाव बढ़ गया था.

हत्या के तुरंत बाद क़रीब 200 नाइजीरियाई मूल के लोगों ने गोवा के मुख्य हाईवे को कई घंटो तक बंद कर दिया था.

पुलिस ने इस हत्या के पीछे स्थानीय लोगों और नाइजीरियाई मादक पदार्थो के तस्करों के आपसी झगड़े को कारण बताया.

इस घटना के बाद गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर ने पुलिस को आदेश दिया था कि उन सभी विदेशियों को पकड़कर वापस उनके देश भेजा जाए जो ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से गोवा में रह रहे हैं.

घाव पर नमक

भारत में लगभग 40,000 नाइजीरियाई मूल के लोग है और उच्चायुक्त अमाकू के मुताबिक़ वे अपने लोगों की सुरक्षा के लिए चिंतित हैं.

अमाकू ने कहा, ''भारतीयों को समझना होगा कि भारत में बड़ी तादाद में नाइजीरियाई लोग वैध तरीक़े से रह रहे हैं, और अगर कुछ नाइजीरियाई जो कि ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से यहां रह रहे हैं तो उनसे निपटने के लिए क़ानून है. उन्हीं नियमों को लागू करना होगा.''

उच्चायुक्त अमाकू ने अवैध रूप से भारत में रह रहे नाइजीरियाई लोगों को वापस भेजने की योजना की भी अलोचना की.

इससे पहले एक अन्य नाइजीरियाई राजनयिक ने चेतावनी दी थी कि अगर भारत में रह रहे नाइजीरियाई को गोवा से भगाना बंद नहीं किया गया और हत्यारों को नहीं पकड़ा गया तो नाइजीरिया में रह रहे भारतीयों को इसके नतीजे भुगतने होंगे.

इस समय आठ से अधिक भारतीय नाइजीरिया में रहते हैं और वे वहाँ लगभग एक लाख व्यवसायों के मालिक हैं.

अमाकू ने कहा कि यह बयान हत्या के संदर्भ में दिया गया था और वह अधिकारी भी नाइजीरियाई समुदाय के अन्य सदस्यों की तरह ही "पीड़ित" महसूस कर रहे हैं.

इस बीच, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि उन्हें यक़ीन है कि यह मामला सौहार्दपूर्ण ठंग से सुलझाया जा सकेगा.

समाचार एजेंसी एएफ़पी को दिए बयान में उन्होंने कहा कि, "हमें आश्वासन मिला है कि हत्या की जाँच की जा रही है.''

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