माफ़िया पिता के साथ बिताई जिन्दगी

रीटा जिगांटे, को 16 वर्ष की उम्र में अपने पिता विंसन द चीन जिगांटे की सच्चाई के बारे में पता चला. वो अमरीका के प्रभावशाली माफ़िया लीडरों में से एक हुआ करते थे.

विंसन की मौत दूसरे माफ़िया के लोगों की हत्या के आरोप में 12 साल सज़ा काटते हुए हुई थी. अब रीटा ने बीबीसी संवाददाता मैथ्यू बैनिस्टर को अपने अनुभवों पर अपनी ज़िन्दगी के बारे में लिखी किताब द गॉडफ़ादर्स डॉटर के बारे में बताया है.

रीटा पिता के साथ बिताए अपने शुरूआती दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि पिता के साथ उनकी मुलाकात अक्सर उनकी दादी के घर में हुआ करती थी, जो मुझे किसी काल कोठरी के रूप में याद है क्यों कि इस घर में आपको पता नहीं चलता था कि बाहर दिन है या रात. अधिकांश समय खिड़कियों पर परदे डले हुआ करते थे.

रीटा बताती हैं कि वह अपने पिता से अलग हो गई और अधिकांश समय न्यूजर्सी में रहा करती थी क्यों कि उनके पिता अपनी मां के साथ रहना चाहते थे और वह संगठित माफ़िया परिवार के प्रमुख थे.

रीटा बताती हैं, पूरे घर में केवल पांच खिड़कियां होती थीं.

रीटा एक वाकये को याद करते हुए बताती हैं कि एक मौके पर वह अपनी दादी के घर में मेज़ के नीचे छुपी हुई थी तब अचानक कुछ हिंसा की घटना हुई थी.

रीटा ने बताया कि वो इटेलियन संगीत सुन रही थी और किसी भी बच्चे की तरह खेल रही थी. तभी उन्होंने अपने पिता की आवाज़ सुनी. बहुत से लोग तेज़ आवाज़ में बात कर रहे थे.

मुझे अभी भी याद है कि एक आदमी गिर गया उस आदमी को पीटा जा रहा था. मुझे उसका चेहरा याद है. उसके नाक और चेहरे से ख़ून आ रहा था. किसी को पता नहीं था कि मैं वहां मौजूद हूं. मैं बहुत सदमें में थी. मुझे याद है जो व्यक्ति उसे पीट रहा था वह मेरे पिता थे.

उसकी वजह से मैं गहरे डिप्रेशन में चली गई थी और मुझे अक्सर फ़िट पड़ा करते थे. इसका मुझ पर बहुत बुरा असर पड़ा. रीटा बताती हैं कि मेरे बचपन में जो कुछ हुआ मुझे भयभीत करने वाला था.

रीटा ने कहा कि जैसे-जैसे मैं बड़ी होती गई मुझे टीन एज में महसूस होने लगा की मेरे पिता काफी प्रभावशाली व्यक्ति हैं और दूसरों से अलग हैं. लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि वो वास्तव में क्या हैं. मेरे साथ बहुत ख़ास बर्ताव किया जाता था. जब मैं छोटी थी रेस्त्राँ में हम पिछले दरवाज़े से जाया करते थे. मैंने कभी पैसों का लेनदेन नहीं देखा.

मैं 16 वर्ष की थी जब स्कूल में काफी अफ़वाहें फैली थीं. तब मैं परिवार के एक मित्र के पास गई उसने मुझे बताया की वास्तव में क्या है. यह सब मेरे लिए एक बड़ा सदमा था.

लेकिन साथ ही मुझे राहत भी थी कि पिछले कुछ वर्षों में जो कुछ चल रहा था वह साफ़ हो गया था. मुझे स्पष्ट था कि कोई हमें छू नहीं सकता है और हम सुरक्षित हैं. साथ ही सरकार के लोग कभी भी आकर मेरे पिता को ले जा सकते है.

रीटा के अनुसार पिता उन्हें बहुत प्यार किया करते थे. जब मैं बीमार होती थी तो मेरे साथ रहते थे. पिता के रूप में वह बहुत ही नरम दिल थे. मुझे 16 वर्ष की आयु में पता चला कि मेरे पिता हत्याओं में शामिल रहते हैं.

मैंने उनके गोपनीय पक्ष को जिया. बहुत सी बातें थी जो लोगों से छुपी हुई थी. रीटा कहती हैं कि मैं अपने पिता को कहना चाहती हूं कि मैंने उन्हें माफ़ कर दिया हालांकि ऐसा करना आसान नहीं था.

मैंने यह किताब इसलिए लिखी की लोगों को पता चला चले ऐसी परिस्थिति में कैसे जिया जाता है.

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