मिलिए हमास की पहली महिला प्रवक्ता से

  • 18 नवंबर 2013
Image caption गज़ा में पली बढ़ीं सुश्री मोदाल्लाल ब्रिटेन में अपने किशोरवय के पांच वर्ष बिताए हैं.

गज़ा पर हुकूमत करने वाला इस्लामिक संगठन हमास, दुनिया के सामने अपना नया और लोकप्रिय चेहरा पेश करने की कोशिश कर रहा है.

उसने इस्रा अल-मोदाल्लाल को अपना प्रवक्ता बनाया है. वह हमास की पहली महिला प्रवक्ता हैं.

23 वर्षीय मोदल्लाल फ़लस्तीनी कार्यकर्ता रह चुकी हैं और अन्य रुढ़िवादी महिलाओं से अलग वह कार्यालय में आने वाले पुरुष पत्रकारों के साथ हाथ मिलाती हैं.

वह तलाकशुदा हैं, एक मां हैं और एक फ़लीस्तीनी शरणार्थी भी.

पिछले सप्ताह जब से उन्हें यह नई जिम्मेदारी मिली है, वह चर्चा के केंद्र में हैं.

हमास से नहीं जुड़ाव

वह कहती हैं, ''पश्चिमी मीडिया से जुड़े लोग मुझसे पूछते हैं कि महिला होते हुए इस क्षेत्र में मैं कैसे आ गई?''

वह ईरान सरकार द्वारा संचालित अंग्रेजी न्यूज चैनल, प्रेस टीवी, में संवाददाता और एक स्थानीय फ़लीस्तीनी प्रसारण कंपनी में प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुकी हैं.

अपनी नई भूमिका के लिए वह कहती हैं, ''गज़ा में फ़लीस्तीनी लोगों के लिए यह एक स्कारात्मक क़दम है, खासकर युवाओं के लिए.''

उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि अरब और पश्चिमी मीडिया से मेरा सामना है.

हालांकि वह कहती हैं कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर हमास सरकार के नज़रिए को पेश करेंगी. वह हमास की सदस्य नहीं हैं.

फ़लीस्तीनी आम चुनाव में जीतने के एक वर्ष बाद ही 2007 में हमास ने गजा पट्टी पर कब्जा कर लिया था.

सत्ता में आने के बाद इसने इसराइल को मान्यता देने से इनकार कर दिया. यूरोपीय संघ और अमरीका इसे आतंकी संगठन मानते हैं.

कितना अलग?

आम तौर पर हमास में वरिष्ठ पदों पर बैठे कड़े मिज़ाज वाले पुरुष संगठन की ओर से अपनी जिम्मेदारी पर पश्चिमी मीडिया को डील करते रहे हैं.

मोदल्लाल ने इसे सहज करने और इसमें बदलाव लाने का वादा किया है.

क्या वह, हमास द्वारा इसराइल को सिर्फ 'यहूदी सत्ता' के रूप में बार बार चिह्नित किए जाने के कायदे से आगे जा पाएंगी?

उनका कहना है कि किसी सरकार का प्रवक्ता होने के लिए आपको जानना होगा कि राजयनिक भाषण कैसा होता है. हमास के साथ भी यही है.

वह इसराइली अख़बारों के साथ-साथ पश्चिमी और अरब के समाचारपत्रों को भी पढ़ती हैं.

हमास सरकार में काम करने वाले कुल कर्मचारियों का पांचवां हिस्सा महिलाएं हैं. लेकिन इसमें केवल एक महिला मंत्री है और बाकी सहयोगी हैं.

महिला अधिकार

Image caption हमास ने एक समय महिलाओं की आज़ादी को नियंत्रित करने की कोशिश की थी.

हालांकि महिला अधिकारों को लेकर संगठन का रिकॉर्ड बहुत साफ नहीं है.

विगत समय में वह महिलाओं को बुरक़ा पहने के आदेश जारी कर चुका है. साथ ही उन्हें हुक्का पीने और मोटरसाइकिल चलाने पर भी प्रतिबंध लगा चुका है.

यह अलग बात है कि ये आदेश कभी कड़ाई से लागू नहीं करवाए गए.

इस साल के शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा प्रायोजित मैराथन में लड़कियों को हिस्सा लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया. जिससे यह दौड़ रद्द कर दी गई.

हो सकता है कि मोदल्लाल का युवा होना और अनुभवहीनता ही प्रवक्ता के रूप में उनकी प्रगति में बाधक बने.

वह स्वीकार करती हैं कि उन्हें राजनीति से ज्यादा कला का ज्ञान है.

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