नोबेल पुरस्कार विजेता लेखिका डोरिस लेसिंग का निधन

डोरिस लेसिंग

ब्रिटेन की नोबेल पुरस्कार विजेता लेखिका डोरिस लेसिंग का निधन हो गया है. वे 94 वर्ष की थीं.

उनके प्रकाशन हार्पर कोलिंस की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''आज सुबह तड़के लंदन स्थित अपने घर में उनका देहांत हुआ.''

लेसिंग की प्रमुख कृतियों में 'गोल्डन नोटबुक' और 'दी समर बिफोर द डार्क' शामिल हैं.

वर्ष 2007 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार पाने वाली लेसिंग ये सम्मान पानी वालीं सबसे बुजुर्ग लेखिका हैं.

तब उनकी उम्र 88 वर्ष थी.

लेसिंग के लम्बे समय तक मित्र रहे जॉनाथन क्लोव्स कहते हैं, ''वे बहुत उम्दा लेखिका थीं जिनके पास फंतासी और मौलिक दिमाग था. उनके लिए काम करना मेरा सौभाग्य रहा, हम उन्हें भुला नहीं पाएंगे.''

'गोल्डन नोटबुक' से ख़्याति

हार्पर कॉलिंस यूके की मुख्य कार्यकारी अधिकारी चार्ली रेडमेनी कहती हैं, ''लेसिंग हमारे दौर की महान लेखिकाओं में से एक थीं जो कहानी कहने की कला में माहिर थीं.''

ईरान में जन्मीं लेसिंग, वर्ष 1949 में लंदन में बसने से पहले से जिम्बाब्वे में भी रहीं.

उनका पहला उपन्यास 'द ग्रास इज़ सिंगिंग' वर्ष 1950 में प्रकाशित हुआ था. वर्ष 1962 में प्रकाशित 'गोल्डन नोटबुक' से उन्हें ख़्याति मिली.

इसी उपन्यास के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

एक लेखिका के तौर पर लेसिंग ने ख़ुद को नारीवादी आंदोलनों से दूर रखा था.

उन्होंने अपने उपन्यासों का तानाबाना अफ़्रीका के सामाजिक और राजनीतिक अनुभवों के साथ ही मनोविज्ञान और विज्ञान कथाओं के इर्दगिर्द बुना था.

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