थाईलैंड में सरकार विरोधी प्रदर्शन

थाईलैंड में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने ज़्यादातर मंत्रालयों को घेर लिया है. राजधानी बैंकॉक की सड़कों पर प्रदर्शन जारी है.

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि यिंगलक चिनावाट की सरकार इस्तीफ़ा दे. उनका कहना है कि ये सरकार पूर्व प्रधानमंत्री और यिंगलक के भाई तकशिन चिनावाट के नियंत्रण में है.

रविवार को एक रैली के बाद प्रदर्शकों ने बैंकॉक के अलग-अलग स्थानों की ओर मार्च शुरू कर दिया.

सोमवार को यिंगलक ने विशेष अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए अधिकारियों को कर्फ्यू लगाने और सड़कें सील करने का अधिकार दे दिया.

थाईलैंड के फ़ौजदारी न्यायालय ने इन प्रदर्शनों की अगुवाई करने वाले पूर्व सांसद सूतेप तूअकसूबान की गिरफ़्तारी का वॉरेंट जारी किया है.

इन विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत एक विवादास्पद राजनीतिक 'क्षमा बिल' की वजह से हुई.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सीनेट में असफल रहने वाले इस बिल के चलते भ्रष्टाचार के मामले में सज़ा काटे बिना ही तकशिन की वापसी का रास्ता साफ़ हो जाता.

राजनीतिक तनाव

Image caption लोग यिंगलक सरकार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

साल 2006 में सैन्य तख़्तापलट के बाद तकशिन की विदाई के वक्त से ही थाईलैंड में विभाजन चरम पर है और इस बिल ने राजनीतिक तनाव को और हवा दे दी है.

प्रदर्शनकारी रात भर विदेश औऱ वित्त मंत्रालयों के बाहर डेरा जमाकर बैठ गए. मंगलवार को उन्होंने आंतरिक, पर्यटन ,परिवहन और कृषि मंत्रालयों को भी घेर लिया.

ख़बरों के मुताबिक़ विदेश और आंतरिक मंत्रालयों के बाहर क़रीब 1000 प्रदर्शक जमा थे जो 'बाहर निकलो' के नारे लगा रहे थे. पर्यटन और खेल मंत्री ने कहा हमें निकलना पड़ा क्योंकि वो लोग बिजली काट देते.

प्रदर्शनकारियों के एक प्रवक्ता का कहना था, "हमने वित्त मंत्रालय पर शांतिपूर्ण और अहिंसक ढंग से डेरा जमा रखा है. इसलिए सारे देश में हमारे समर्थकों को यही करना चाहिए और सारे सरकारी दफ़्तरों को घेरना चाहिए."

हालांकि टकसिन के समर्थक "रेड शर्ट्स" के एक नेता तीडा तावर्नसेत ने एएफ़पी से कहा है कि सूतेप सरकार को गिराने की कोशिश नहीं कर रहे हैं वो लोकतंत्र को निकाल फेंकना चाहते हैं और अति-राजभक्त प्रशासन लाना चाहते हैं.

विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी ने भी सरकार के कथित बजट दुरुपयोग के ख़िलाफ़ संसद में एक निंदा प्रस्ताव रखा है. ये प्रस्ताव सरकार की बेहद मंहगी चावल रियायत नीति को रेखांकित करता है .

भीड़तंत्र

Image caption प्रदर्शनकारियों ने सरकारी मंत्रालयों को घेर रखा है और नारेबाज़ी कर रहे हैं.

वर्ष 2010 में हुई हिंसा जिसमें दो महीनों में 90 लोगों की मौत हुई थी, उसके बाद से थाईलैंड में यह अब तक के सबसे बड़े प्रदर्शन हैं.

यिंगलक की अगुवाई वाली सत्ताधारी फ़ीयू पार्टी जबसे सत्ता में आई है थाईलैंड में अपेक्षाकृत तौर पर राजनीतिक स्थिरता रही है.

लेकिन विपक्ष ये आरोप लगाता रहा है कि ख़ुद को आत्म-निर्वासन में भेजने वाले तकशिन इस सरकार को नियंत्रित कर रहे हैं और अब इस बिल ने नए सिरे से विरोध को जन्म दे दिया है.

सोमवार देर शाम यिंगलक ने आंतरिक सुरक्षा क़ानून लगा दिया लेकिन उन्होने मंगलवार को कहा कि सरकार प्रदर्शनों को ख़त्म करने के लिए हिंसा का इस्तेमाल नहीं करेगी.

यिंगलक ने कहा, "सभी को क़ानून का पालन करना चाहिए और क़ानून के शासन को नकारने के लिए भीड़तंत्र का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. अगर हम बातचीत कर सकें तो मुझे लगता है कि देश सामान्य जीवन की ओर लौट सकेगा."

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