'पापी' पोप भी अपनी ग़लतियाँ स्वीकारते हैं

पोप फ़्रांसिस

पूरी दुनिया के कैथिलोक ईसाइयों के धर्मगुरु पोप फ्रांसिस ने कैथोलिक धर्म के अनुयायियों को बताया है कि वो हर दो हफ़्ते में कम से कम एक बार अपने पाप स्वीकारने के लिए जाते हैं, क्योंकि वह भी 'पापी' हैं.

वेटिकन समाचारपत्र ला ऑसरवेटोर रोमानो के मुताबिक़ उन्होंने यह बात सेंट पीटर्स स्क्वेयर पर साप्ताहिक प्रार्थना सभा में पिछले हफ़्ते कही है.

पोप फ्रांसिस ने कहा, "पादरियों को भी पाप स्वीकारने की ज़रूरत होती है, यहाँ तक कि बिशप को भी. हम सब पापी हैं. यहाँ तक कि पोप भी (मैं भी) हर दो सप्ताह के बाद पाप स्वीकारने के लिए जाते हैं क्योंकि वो भी पापी हैं."

उन्होंने सभा में शामिल लोगों से कहा, "मेरे पाप मोचक (कंफेसर) मुझे सुनते हैं, मुझे सलाह देते हैं और मुझे माफ़ कर देते हैं."

अख़बार के मुताबिक पोप फ्रांसिस, जो दुनिया के करीब एक अरब 20 करोड़ रोमन कैथोलिक समुदाय का नेतृत्व करते हैं, अपने सुनने वालों को मैत्री के संस्कार का महत्व और इसे पूरा करने में पादरी की भूमिका के बारे में बता रहे थे.

द वेटिकन अख़बार ने पोप के पाप मोचक या कंफेसर के बारे में कुछ नहीं लिखा है, न ही ये बताया है कि उनका प्रायश्चित क्या होता है.

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