फ्रांस ने फौरन सैन्य कार्रवाई करने की बात कही

राजधानी बेनगुई का दृश्य

सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में गुरुवार को जातीय हिंसा की ताज़ा घटनाओं के बाद आम नागरिकों को बचाने के लिए फ्रांस के नेतृत्व में एक अभियान 'फ़ौरन' आरंभ किया जा रहा है.

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांड ने कहा है कि ''चंद घंटों में नहीं तो कुछ दिनों के भीतर वहां तैनात 650 सैनिकों की संख्या दोगुनी कर दी जाएगी.''

इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मतदान के ज़रिये फ्रांस के सैनिकों को सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में तैनात अफ्रीकी शांतिरक्षक बल में शामिल होने की अनुमति दी गई.

सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में हिंसा चरम पर है जहां जातीय आधार पर बड़े पैमाने पर लोगों की हत्या किये जाने की आशंका है.

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांड ने कहा, ''मैंने फ़ौरन कार्रवाई करने का, दूसरे शब्दों में इसी शाम कार्रवाई करने का फ़ैसला किया है.''

भूमिका में फ़र्क

ओलांड ने ये भी कहा है कि यहां फ्रांस के सैनिकों की भूमिका वैसी नहीं होगी जैसी माली में थी, जहां उन्होंने इस्लामी चरमपंथियों को तलाश करके मार गिराया था.

पेरिस में मौजूद बीबीसी संवाददाता क्रिश्चियन फ्रेज़र का कहना है कि इस बार फ्रांस के सैनिकों की भूमिका फ्रांसीसी पुलिस की तरह होगी.

सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक के प्रधानमंत्री निकोलस टियानग्ये ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि पहली प्राथमिकता राजधानी बेनगुई में सुरक्षा-व्यवस्था क़ायम करना है.

बेनगुई पर गुरुवार को उन लड़ाकों ने हमला किया था जिन्हें अपदस्थ राष्ट्रपति फ्रैंकोइस बोज़ीज़ी का वफ़ादार माना जाता है.

फ्रैंकोइस बोज़ीज़ को इस साल मार्च में विद्रोहियों ने पद से हटा दिया था जिसके बाद से ही देश संकट में है.

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