सीरिया में उम्मीद से ज़्यादा जैविक हमलेः संयुक्त राष्ट्र

  • 13 दिसंबर 2013
Image caption संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने सीरिया में हुए जैविक हमलों की जांच की.

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल 21 अगस्त को सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास हुए हमले में जैविक हथियारों का इस्तेमाल किया गया था.

इस मसले पर गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून को अंतिम रिपोर्ट सौंपने वाले विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि संभवतः चार अन्य हमलों में जैविक हथियारों का इस्तेमाल किया गया था.

बान की मून शुक्रवार को आम सभा में और सोमवार को सुरक्षा परिषद में यह रिपोर्ट पेश कर सकते हैं. हालांकि इस रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इन हथियारों का इस्तेमाल विद्रोहियों और सरकार में से किसने किया.

इस बीच एमनेस्टी इंटरनेशनल ने सीरियाई शरणार्थियों को स्वीकार नहीं करने के लिए यूरोपीय संघ के देशों की आलोचना की है. इस बयान में कहा गया है कि यूरोप के केवल 10 देशों ने शरणार्थियों को स्वीकार करने की बात कही है.

ब्रिटेन और इटली ने शरणार्थियों के मसले पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है. हालांकि ब्रितानी सरकार का कहना है कि इस क्षेत्र पर उसकी नज़र है और वह अंतरराष्ट्रीय सहायता देने वाला एक प्रमुख देश है.

सहायता

Image caption जॉर्डेन के एक शरणार्थी शिविर में सर्दी से बचने की कोशिश करता एक परिवार.

अधिकारियों ने कहा है कि यूरोपीय संघ के देशों की तरफ से अब तक 1.3 अरब यूरो की सहायता दी जा चुकी है. संघ का कहना है कि उसकी योजना सीरिया के भीतर विस्थापित हुए लोगों तक मदद पहुंचाना है, जिनकी संख्या करीब 65 लाख है.

संयुक्त राष्ट्र ने अनुमान लगाया है कि मार्च 2011 से अब तक करीब 23 लाख लोग सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में जा चुके हैं.

देश छोड़कर जाने वाले अधिकतर सीरियाई लेबनान, जॉर्डन, तुर्की और इराक़ में शरण लिए हुए हैं. लेकिन इस साल करीब छह हज़ार शरणार्थी यूरोपीय संघ के देश बुल्गारिया गए.

इसके बाद बुल्गारिया ने संघ मुख्यालय से बाहर से आए इन लोगों की सहायता के लिए आर्थिक सहायता की मांग की. सितंबर में सीरियाई शरणार्थियों को स्थाई आवास मुहैया करवाने वाला स्वीडन यूरोपीय संघ का पहला देश था.

पिछले दो सालों में 14 हज़ार से अधिक सीरियाइयों ने यहां पर शरण की मांग की है. जर्मनी ने एक हज़ार शरणार्थियों को बसाया है और उसकी योजना नौ हज़ार और सीरियाई लोगों को स्वीकार करने की है.

ब्रिटेन का कहना है कि सीरियाई शरणार्थियों के बसाने या अस्थाई संरक्षण प्रदान करने की उसकी कोई योजना नहीं है.

उसका कहना है कि इसके बजाय वह क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सहायता दे रहा है. उसने कहा कि यूरोपीय संघ के सभी देशों ने जितनी सहायता दी है उससे अधिक उसने अकेले (50 करोड़ पाउंड) दी है.

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