राजनयिक मामला: अमरीकी विदेश मंत्री ने जताया खेद

  • 19 दिसंबर 2013
देवयानी खोबरागड़े

न्यूयॉर्क में भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े के साथ कथित बदसलूकी के मामले में अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन से इस पूरे मामले पर खेद प्रकट किया है.

राजनयिक देवयानी खोबरागड़े के बारे में बात करते हुए अमरीकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मेरी हार्फ़ ने विदेश मंत्री जॉन कैरी का एक लिखित बयान पढ़ते हुए कहा -

"सेक्रेटरी कैरी भी उन्ही की उम्र की दो बेटियों के पिता हैं और गिरफ़्तारी के बाद के घटनाक्रम के बारे में भारत की ओर से व्यक्त की जा रही भावनाओं की वह कद्र करते हैं. और उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मेनन के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने अपना खेद प्रकट किया और चिंता भी जताई कि इस अफ़सोसनाक घटना के कारण दोंनों देशों के बीच करीबी और अहम रिश्तों को नुकसान न पहुंचे."

दिसंबर 12 को भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े की गिरफ़्तारी के बारे में जॉन कैरी की बातचीत का ब्यौरा देते हुए मेरी हार्फ़ ने कहा कि अमरीका में स्थित सभी राजनयिकों को सम्मान दिए जाने की भी बात की गई.

अमरीक विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता का कहना था कि अमरीका के विदेश मंत्री की हैसियत से सेक्रेट्री कैरी अमरीका के राजनयिकों की सुरक्षा के लिए भी ज़िम्मेदार हैं और इसीलिए वह व्यक्तिगत रूप से इस मुद्दे पर बातचीत करना चाहते थे.

बयान

लिखित बयान में कहा गया, "विदेश मंत्री कैरी अमरीकी कानून लागू करने और पीड़ितों की सुरक्षा करने की अहमियत को भली भांति समझते हैं और उम्मीद करते हैं कि सभी उनके देश में कानून का पालन करेंगें. इसी तरह उनके लिए यह भी अहमियत रखता है कि विदेशी राजनयिकों को पूरा सम्मान और मर्यादा दी जानी चाहिए, जैसे कि वह विदेशों में अमरीकी राजनयिकों को भी दिए जाने की उम्मीद करते हैं."

लेकिन अमरीका का कहना है कि अब दोंनो देशों के बीच रिश्तों को नुकसान न पहुंचे इस बात पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है. फिर भी राजनयिक देवयानी खोबरागड़े की गिरफ़्तारी और उसके बाद निर्वस्त्र तलाशी लिए जाने के बारे में दोबारा जांच की जा रही है कि सभी नियम कायदों का पालन किया गया था कि नहीं.

लेकिन इसके बारे में कोई समय सीमा नहीं दी गई है कि कब यह जांच प्रक्रिया पूरी होगी.

लेकिन विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने साफ़ किया कि जो आरोप राजनयिक देवयानी खोबरागड़े पर लगाए गए हैं उनके बारे में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा क्यूंकि वह मामला अमरीकी न्याय विभाग के अंतर्गत आता है.

अमरीका ने यह भी कहा है कि न्यू यॉर्क स्थित वाणिज्य दूतावास से राजनयिक देवयानी खोबरागड़े को संयुक्त राष्ट्र के मिशन में तबादला किए जाने के बारे में अभी भारत की ओर से अमरीकी सरकार को सूचित नहीं किया गया है.

इस बीच नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत में अमरीका समेत सभी देशों के राजनयिकों की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं आया है. और दिल्ली और अन्य स्थानों पर सभी राजनयिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है.

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