कड़कड़ाती ठंड में हाईस्पीड ट्रेन की छत पर सफ़र

रूस ट्रेन
Image caption रूस में हाई स्पीड ट्रेन की छत पर सफ़र करने के मामले पिछले कुछ वक़्त में बढ़े हैं.

रूस की हाई स्पीड ट्रेनों की छत पर यात्रा करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसा वो किराया बचाने के लिए करते हैं या फिर रोमांच के लिए, बता पाना मुश्किल है.

ताज़ा मामले में मॉस्को के रहने वाले दो लोगों को सेंट पीटर्सबर्ग से गिरफ़्तार किया गया. ये दोनों हाई स्पीड ट्रेन सैपसन की छत पर सवार थे जो दोनों शहरों को जोड़ती है.

रिया नोवोस्टी समाचार एजेंसी के अनुसार क़ानून तोड़ने वाले इन दोनों युवकों की उम्र 18 और 23 साल है.

कँपा देने वाली ठंड में ट्रेन की छत पर चार घंटे तक यात्रा करने वाले इन युवकों ने पुलिस को बताया कि वो ट्रेन की छत पर रोमांच के लिए चढ़े थे, न कि किराया बचाने के लिए.

ज़्यादा किराया

वैसे इस ट्रेन का किराया काफ़ी ज़्यादा, 120 डॉलर यानी क़रीब साढ़े सात हज़ार रुपए है.

रूस के रोसिया-1 टीवी ने ख़बर दी है कि नवंबर में नौ से तेरह साल की उम्र के चार बच्चे पर्म शहर में एक ट्रेन के ऊपर यात्रा करते पकड़े गए थे. बताया गया था कि ये बच्चे नशे में थे.

लेंट्रा समाचार वेबसाइट के अनुसार पूर्वी यूरोप के एक देश मोल्दोवा के एक 24 वर्षीय युवक को फ़रवरी में गिरफ़्तार किया गया था. वह सैमसन ट्रेन के ऊपर सिर्फ़ "जामुनी कच्छी" पहने यात्रा कर रहा था. कच्छी में उसने अपना पासपोर्ट ठूंसा हुआ था.

वेबसाइट ने लिखा है कि पुलिस अधिकारियों के अनुसार ट्रेन पर सर्फ़िंग या कूदफांद करने के लिए जुर्माना हद दर्जे तक कम है.

रूसी संसद अभी एक विधेयक लाने की तैयारी में है, जिसमें जुर्माने को 100 रूबल यानी क़रीब 190 रुपए से बढ़ाकार 5,000 रूबल यानी साढ़े नौ हज़ार रुपए करने का प्रस्ताव है.

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