बेरूत धमाके में पूर्व सुन्नी मंत्री मोहम्मद शतह की मौत

बेरूत

लेबनान में हुए एक कार धमाके में पूर्व मंत्री और विपक्ष के नेता मोहम्मद शतह की मौत हो गई है.

इस विस्फोटक हमले में चार अन्य लोग मारे गए और कम से कम 50 लोग घायल हुए हैं.

सुन्नी मुसलमान शतह लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री साद हरीरी के सलाहकार थे. वे सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनका समर्थन करने वाले लेबनान के शिया गुट हिज़बुल्लाह आंदोलन के कट्टर आलोचक थे.

लेबनान में इन दिनों लगातार हमले हो रहे हैं. इसका कारण सीरिया में युद्ध की स्थिति के कारण लेबनान में शिया-सुन्नी संघर्ष में बढ़ोत्तरी को माना जाना जा रहा है.

साद हरीरी ने साफ़ तौर पर हिज़बुल्लाह को इन हमलों का दोषी बताया है.

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, "ये वे लोग हैं जो अंतरराष्ट्रीय न्याय से बचने की कोशिश में हैं और देश (लेबनान) में क्षेत्रीय तनाव फैला रहे हैं."

साल 2005 के फ़रवरी में एक भयानक कार विस्फोट में साद हरीरी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री, रफ़ीक हरीरी मारे गए थे. इस घटना के संदर्भ में हत्या के आरोप का सामना कर रहे पांच हिज़बुल्लाह संदिग्धों पर तीन हफ्ते की जांच चलनी है.

हिज़बुल्ला ने रफ़ीक़ हरीरी की मौत में किसी भी तरह की भागीदारी से इंकार किया है. शुक्रवार को हुए हमले की ज़िम्मेदारी लेने के लिए अब तक कोई संगठन आगे नहीं आया है.

'आतंक और भय'

शतह साद हरीरी के नेतृत्व में होने वाली सीरिया विरोधी गुट की बैठक में शामिल होने के लिए जा रहे थे. रास्ते में उनके क़ाफ़िले पर हमला हुआ.

बम जहां फटा वह जगह लेबनान संसद की इमारत से ज्यादा दूर नहीं थी.

यह विस्फोट इतना भयानक था कि इसने कई इमारतों और कुछ कारों को भी अपनी चपेट में ले लिया. प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि विस्फोट के बाद मौक़े पर बेहद भय और आतंक का माहौल था.

दूकान में सहयोगी मोहम्मद ने एएफपी न्यूज़ एजेंसी को बताया, "हम अपनी दूकानें खोल ही रहे थे कि विस्फोट की आवाज़ सुनाई दी. विस्फोट बेहद तगड़ा था. हमें लेबनान में हो रहे विस्फोटों की आदत पड़ चुकी है. मगर इस इलाके में कभी विस्फोट नहीं हुआ था. अब हम कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं."

विस्फोट को नज़दीक से देखने वाले एदिल-रऊफ नियो, ने रॉयटर्स न्यूज एजेंसी को बताया कि इस विस्फोट से सुबह की भागमभाग में मोटरचालक ही बुरी तरह नहीं फंसे बल्कि आस पास रहने वाले लोग भी सहम गए.

उन्होंने आगे बताया, "आग के बड़े बड़े गोले आसमान में उठते दिखाई दे रहे थे. हर कोई आतंकित था. फिर हमें पता चला कि इस विस्फोट के निशाने पर शतह थे."

फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंच चुके हैं. घटना स्थल को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है.

'संदेश' देने की कोशिश!

बीबीसी के कैरीन टोरबे ने बेरूत में कहा शतह लेबनान के विवादास्पद नेता नहीं रहे हैं. उन्हें उदारवादी के रूप में जाना जाता रहा है.

बीबीसी के संवाददाता ने कहा कि इस बात की आशंका जताई जा रही है कि यह हमला एक व्यक्ति के रूप में शतह पर नहीं हुआ बल्कि इस विस्फोट से सीरिया विरोधी गुटों को संदेश देने की कोशिश की गई है.

शतह ने अपनी मौत से थोड़ा ही पहले शुक्रवार को ट्वीटर पर जारी एक संदेश में कहा था कि पिछले 15 सालों से सीरिया लेबनान में सुरक्षा और विदेशी नीतियों से जुड़ी जिन शक्तियों का प्रयोग कर रहा था, हिजबुल्ला उन्हीं शक्तियों को पाने के लिए दबाव बना रहा है.

सीरिया ने रफ़ीक़ हरीरी की हत्या के बाद लेबनान से अपनी सेना वापस बुला ली थी.

हिज़बुल्लाह ने सीरिया में सुन्नी के नेतृत्व में विद्रोहियों के ख़िलाफ़ चल रहे संघर्ष में राष्ट्रपति असद की मदद के लिए लड़ाके भेजे. राष्ट्रपति असद शिया इस्लाम की एक ख़ास शाखा अलवाईत संप्रदाय से ताल्लुक़ रखते हैं.

हिज़बुल्ला को समर्थन देने वाले ईरान के दूतावास पर बेरूत में पिछले महीने हमले हुए थे. इसकी ज़िम्मेदार सुन्नी जिहादी समूह अबदुल्लाह आज़म ब्रिगेड ने ली थी.

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